इस महीने के अंत में मलेशिया के कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) में होने वाले 47वें ASEAN समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बीच मुलाकात की संभावना जताई जा रही है. अगर ट्रंप इस शिखर सम्मेलन में शामिल होते हैं, तो यह दोनों नेताओं की पहली आम बैठक होगी, जब अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू किए थे. मलेशिया में होने वाली यह मुलाकात पीएम मोदी और ट्रंप के बीच पहली प्रत्यक्ष बैठक होगी जब दोनों देशों के बीच कुछ तनावपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं.
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पिछले कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में खटास आई है. अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया और पाकिस्तान के करीब आया. इसके साथ ही ट्रंप ने भारत के रूस से ऊर्जा आयात, खासकर रूसी कच्चे तेल पर भी नाराजगी जताई.
ट्रंप ने बार-बार कहा कि रूस से तेल खरीदने से वैश्विक दबाव कमजोर होता है और उन्होंने इसे “मोदी का युद्ध” तक कह डाला. उनके सलाहकार पीटर नेवारो ने भारत को रूस के तेल के लिए “लॉन्ड्रोमैट” तक कहा.
रिश्तों में नरमी के संकेत
हालांकि संबंधों में तनाव रहा, लेकिन कुछ नरमी भी देखने को मिली है. दोनों देशों की सरकारों ने व्यापारिक वार्ता की पुष्टि की है. ट्रंप ने अपने बयानों में पीएम मोदी के लिए सकारात्मक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें “महान प्रधानमंत्री” कहा.
पीएम मोदी ने भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका साझेदारी “सकारात्मक और भविष्योन्मुखी” बनी हुई है. हाल ही में ट्रंप ने पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और मोदी ने उनके नए गाजा शांति योजना को समर्थन दिया.
मुलाकात के एजेंडा की संभावना
ASEAN समिट में संभावित चर्चा के मुख्य मुद्दे हो सकते हैं:
- व्यापार और टैरिफ विवाद का समाधान
- ऊर्जा सहयोग और रूस से आयात मुद्दा
- वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग
- पश्चिम एशियाई क्षेत्र में शांति प्रयास
इस बैठक को दोनों देशों के बीच रिश्तों में नया मोड़ माना जा रहा है. यह न केवल व्यापार और ऊर्जा पर चर्चा का अवसर देगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर रणनीतिक सहयोग को भी मजबूती प्रदान करेगा.












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