विदेश

जर्मनी में कार्निवाल परेड में होगा ट्रंप का पर्दाफाश

इस साल जर्मनी की मशहूर ‘रोज मंडे परेड’ में डॉनल्ड ट्रंप, फ्रीडरिष मैर्त्स और इमानुएल माक्रों का मजाक उड़ाने वाली झलकियां दिखाई देंगी, लेकिन व्लादिमीर पुतिन पर कोई कटाक्ष नहीं होगा.

जर्मनी में कार्निवाल परेड में होगा ट्रंप का पर्दाफाश
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

इस साल जर्मनी की मशहूर ‘रोज मंडे परेड’ में डॉनल्ड ट्रंप, फ्रीडरिष मैर्त्स और इमानुएल माक्रों का मजाक उड़ाने वाली झलकियां दिखाई देंगी, लेकिन व्लादिमीर पुतिन पर कोई कटाक्ष नहीं होगा. इसके पीछे एक खास वजह है.जर्मनी के कोलोन शहर में होने वाले मशहूर कार्निवाल में राजनीति और व्यंग्य का तड़का देखने को मिलता है. इस साल 16 फरवरी को होने वाली कोलोन कार्निवाल की 'रोज मंडे परेड' काफी धमाकेदार और विवादों से भरी रहने वाली है.

इस परेड में कुल 120 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें सबसे खास 'पर्सिफ्लेज फ्लोट्स' होंगे. ये वो व्यंग्यात्मक झांकियां होती हैं जो नेताओं का मजाक उड़ाती हैं. साथ ही, इस पूरे आयोजन की जान और मुख्य आकर्षण का केंद्र होती हैं.

हमेशा की तरह, इस बार भी दुनिया के कुछ सबसे बड़े राजनेता इस परेड में 'सिंबॉलिक रोस्ट' का शिकार बनेंगे, यानी उनका मजाक उड़ाया जाएगा. झांकी बनाने वाले कलाकार इस अवसर का इस्तेमाल कला के ऐसे चलते-फिरते नमूने बनाने के लिए करते हैं जो मजाकिया तो होते ही हैं, साथ ही समाज और राजनीति पर तीखा प्रहार भी करते हैं. परेड डायरेक्टर मार्क मिषेल्स्के ने इस साल के कार्निवाल से पहले 'कोलोन फेस्टिवल कमेटी' की कुछ झांकियों की थीम को पेश किया है.

डॉनल्ड ट्रंप का पर्दाफाश

चार झांकियों के स्केच पहले ही जनता को दिखाए गए हैं. इनमें से एक में डॉनल्ड ट्रंप शीशे में देखते और मुस्कराते हुए दिखाए गए हैं. उनका नंगा कूल्हा दिख रहा है और उस पर किस के निशान हैं.

मिषेल्स्के ने डीडब्ल्यू के साथ एक इंटरव्यू में बताया, "हमने खुद से पूछा कि इतने सारे लोग डॉनल्ड ट्रंप के सामने क्यों झुकते हैं और ट्रंप ने खुद कहा है: दे आर किसिंग माय ऐस. ऐसे बयानों और व्यवहार को तस्वीरों में बदलना आसान है.”

किस के निशान पर जाने-माने लोगों और संगठनों के नाम लिखे हैं. इनमें यूरोपियन यूनियन, फीफा, संयुक्त राष्ट्र, जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स, और फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों के नाम शामिल हैं.

मिषेल्स्के ने कहा, "ट्रंप हमेशा मर्यादा पार कर जाते हैं, जैसा कि वे हर मुद्दे पर करते हैं. एक अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर उनका स्तर बहुत गिरा हुआ है और हमारी झांकी उसी हकीकत को दिखाने का सबसे अच्छा तरीका है."

परेड डायरेक्टर के तौर पर मिषेल्स्के एक रचनात्मक टीम के साथ मिलकर व्यंग्यात्मक झांकियों की योजना तैयार करते हैं. उनकी जिम्मेदारी झांकियों के आइडिया सोचने से लेकर उन्हें हकीकत में बदलने तक की है. वे कई सहायकों की मदद से झांकियों के निर्माण का निर्देशन भी करते हैं और अपने डिप्टी के साथ मिलकर परेड की सुरक्षा योजना तैयार करते हैं.

झांकियों को लेकर गोपनीयता

कोलोन फेस्टिवल कमेटी उन कुछ कार्निवाल संगठनों में से एक है जो 'रोज मंडे परेड' से पहले अपनी झांकियां पेश करती है. इसके उलट, डुसेलडॉर्फ कार्निवाल की झांकियों को इस बड़े इवेंट के दिन तक गोपनीय रखा जाता है.

झांकी बनाने वाले जैक टिली ने डीडब्ल्यू को दिए इंटरव्यू में कहा, "इसका मतलब यह है कि हम जो भी तीखी या कड़वी झांकियां बनाएंगे, वे परेड में सबके सामने निकलेंगी और कोई भी इसे रोकने के लिए कुछ नहीं कर पाएगा." बार-बार कई संस्थानों और लोगों ने यह कोशिश की है कि जैक टिली की बनाई गई झांकियों को डुसेलडॉर्फ की परेड में हिस्सा न लेने दिया जाए.

दूसरी ओर, मिषेल्स्के का मानना है कि झांकियों को पहले ही जनता के सामने पेश करना जरूरी है. उन्होंने कहा, "यह कोई राज नहीं है. चीजों को जनता को दिखाया और समझाया जाना चाहिए." उनके अनुसार, यह आयोजन का हिस्सा है. वह कहते हैं, "इससे हमें यह बताने में मदद मिलती है कि हम एक झांकी के जरिए क्या संदेश देना चाहते हैं क्योंकि रोज मंडे यानी परेड के दिन हमारे लिए ऐसा करना मुमकिन नहीं हो पाता."

एएफडी के खिलाफ चेतावनी

डॉनल्ड ट्रंप वाली झांकी तो खुद अपनी कहानी कह देती है, लेकिन नीले रंग के विशाल कोबरा वाली झांकी को समझने के लिए इसके पीछे की कहानी जानने की जरूरत है. यह असल में जर्मनी की धुर-दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) की कड़ी आलोचना है और यह झांकी मिषेल्स्के के दिल के बहुत करीब है.

झांकी में रडयार्ड किपलिंग की "द जंगल बुक" के सांप 'का' को हल्के नीले रंग में दिखाया गया है, जो एएफडी पार्टी का आधिकारिक रंग है. वह सांप एक नौजवान को जकड़ रहा है. मिषेल्स्के का कहना है, "जिस तरह 'का' ने लड़के मोगली के चारों ओर लिपटकर उसे सम्मोहित करने की कोशिश की थी, हम देख रहे हैं कि आज भी ऐसा ही हो रहा है."

मिषेल्स्के ने कहा कि बहुत से लोग एएफडी के वादों में आकर भ्रमित हो गए हैं, "लेकिन आपको इन लोगों से बात करनी होगी, सिर्फ उनकी बुराई नहीं करनी है. मोगली भी अकेला यह सब नहीं कर पाया था. हमें लोगों की मदद करनी होगी ताकि वे इस सम्मोहन से बाहर निकल सकें. तभी हम असली समस्या से निपट पाएंगे. लोकतंत्र का असली मतलब यही है."

इस साल की झांकियां कई अलग-अलग मुद्दों पर आधारित हैं. एक झांकी में एक लड़का दिखाया गया है जिसके हाथ में मोबाइल है, लेकिन सिर पर एक बड़ा सा फौजी हेलमेट है. यह जर्मनी में फिर से शुरू होने वाली अनिवार्य सैन्य सेवा के प्रस्ताव पर एक व्यंग्य है. यह दिखाता है कि कैसे युवाओं को सेना में भेजा जा सकता है, जबकि उन्हें पता भी नहीं कि वहां उनका क्या हाल होगा.

एक झांकी ऐसी भी है जिसमें खून से लथपथ एक गिलोटिन (सिर काटने वाली मशीन) दिखाई गई है. इस पर "अमेरिकी टैरिफ" लिखा है और इसकी धारदार ब्लेड को अमेरिकी झंडे की तरह बनाया गया है.

एक झांकी में ईयू को खरगोश के रूप में दिखाया गया है जो भारी बोझ तले दबा हुआ है. वहीं चील के रूप में अमेरिका, भालू के रूप में रूस और पांडा के रूप में चीन उसे घूर रहे हैं. झांकी में एक संदेश भी लिखा हुआ है कि दुनिया की इन बड़ी ताकतों के बिना भी यूरोपीय संघ खुद को संभाल लेगा.

पुतिन के लिए कोई झांकी नहीं

इस साल की कोलोन परेड में पुतिन की कोई झांकी नहीं होगी. लेकिन ऐसा इसलिए है कि आयोजक डुसेलडॉर्फ की झांकी बनाने वाले जैक टिली जैसा अंजाम भुगतने से डर रहे हैं. जैक पर पुतिन की व्यंग्यात्मक झांकी बनाने की वजह से रूसी सरकार ने मुकदमा दायर कर दिया है.

मिषेल्स्के कहते हैं, "हम पूरी तरह से जैक टिली के साथ खड़े हैं. आखिर मूर्खों को अपनी बात कहने की आजादी होनी चाहिए." उन्होंने कार्निवाल में शामिल होने वाले लोगों को प्यार से मूर्ख बुलाने की परंपरा का जिक्र करते हुए यह बात कही. उन्हें पूरा भरोसा है कि टिली अपनी नई झांकी के जरिए अभिव्यक्ति की आजादी पर हो रहे इन हमलों का करारा जवाब देंगे.

वह कहते हैं, "हम टिली की कलात्मक प्रतिक्रिया का पूरा सम्मान करेंगे. हम यह कहकर उनका समर्थन करेंगे कि उन्होंने इसके लिए सबसे बेहतरीन झांकी बनाई है और बात वहीं खत्म हो जाती है." उन्होंने यह भी कहा कि कोलोन पुतिन से जुड़ी झांकी के मामले में डुसेलडॉर्फ के फैसले का सम्मान करेगा और उसी के अनुसार चलेगा.

वॉलंटियर्स के प्रति सम्मान

जर्मनी में कार्निवाल के एक और बड़े गढ़ माइंत्स शहर के लोगों ने भी रूसी अधिकारियों के खिलाफ खड़े जैक टिली के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की है. माइंत्स कार्निवाल एसोसिएशन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "हमें न तो डराया जा सकता है और न ही हमारे हास्य को छीना जा सकता है. मूर्खों की आलोचना की कोई सीमा नहीं होती और इसे प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता."

कोलोन में इस साल की रोज मंडे परेड का नारा है, "हम यह कोलोन के लिए कर रहे हैं". यह उन हजारों वॉलंटियर्स के प्रति सम्मान है जो पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं. चाहे झांकियां बनाना हो या सुरक्षा संभालना, ये लोग बिना किसी लालच के सिर्फ अपने शहर और कार्निवाल की परंपरा को जिंदा रखने के लिए जी-जान लगा देते हैं.

इस बार परेड की शुरुआत बहुत खास होगी. कोलोन के 30 से अधिक विभिन्न गायक मंडली के 250 वॉलंटियर गायक और वॉलंटियर संगीतकारों का 50 लोगों का ऑर्केस्ट्रा इस साल की 'रोज मंडे परेड' का नेतृत्व करेगा. इस समूह में अलग-अलग पीढ़ियों के लोग शामिल हैं. ये लोग बिना किसी फीस के सिर्फ अपने शहर के लिए साथ आए हैं. यह संगीत उन तीखी और राजनीतिक झांकियों के साथ एक बेहतरीन तालमेल बिठाएगा. लोगों को कड़वे सच के साथ थोड़ा सुरीला अंदाज देखने को मिलेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 11, 2026 02:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).