अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के पूर्व राष्ट्रपति एवं सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन Dmitry Medvedev के बीच जुबानी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है. ट्रंप ने मेदवेदेव के “डेड हैंड” (स्वचालित परमाणु हमला प्रणाली) की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए दो न्यूक्लियर सबमरीन को "उचित क्षेत्रों" में तैनात करने का आदेश दिया है. ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा, “शब्दों की अहमियत होती है, और कई बार ये अनजाने में गंभीर परिणामों को जन्म दे सकते हैं.” उन्होंने चेतावनी दी कि मेदवेदेव की बयानबाजी को अगर सिर्फ बकवास समझ लिया गया, तो यह अमेरिका के लिए भारी पड़ सकता है. इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया है "सावधानी के तौर पर."
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'Dead Economies' से शुरू, 'Dead Hand' तक पहुंची बहस
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने भारत और रूस को “Dead Economies” यानी मरती हुई अर्थव्यवस्थाएं कह डाला. इस पर मेदवेदेव ने पलटवार करते हुए रूस की "Dead Hand" प्रणाली का जिक्र किया जो शीत युद्ध के समय की एक खतरनाक परमाणु हमले की ऑटोमैटिक प्रणाली थी. मेदवेदेव ने तंज कसते हुए कहा, “ट्रंप को अपने पसंदीदा ज़ॉम्बी मूवीज की याद कर लेनी चाहिए.”
युद्ध की ओर बढ़ते संकेत
ट्रंप ने हाल ही में यूक्रेन को शांति वार्ता के लिए जो समय सीमा दी थी, उसे 50 दिन से घटाकर मात्र दो सप्ताह कर दिया. मेदवेदेव ने इसे युद्ध की चेतावनी बताया और कहा कि अमेरिका खुद को पूर्ण युद्ध की ओर धकेल रहा है. जवाब में ट्रंप ने मेदवेदेव को "नाकाम राष्ट्रपति" करार दिया और आगाह किया कि वे अपनी जुबान पर लगाम लगाएं.
BRICS पर बढ़ती नाराजगी
इस तनाव के बीच ट्रंप ने BRICS देशों खासकर भारत पर तीखा हमला बोला. उन्होंने भारत के रूसी तेल से व्यापार पर नाराज़गी जताते हुए 25% आयात शुल्क लगाने का ऐलान कर दिया. ट्रंप का दावा है कि BRICS समूह अमेरिकी डॉलर और वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा बन चुका है.













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