क्या ट्रंप को मिलना चाहिए नोबेल शांति पुरस्कार? भारत ने दे दिया साफ जवाब
हाल ही में व्हाइट हाउस की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की गई. उनका दावा है कि ट्रंप ने कई देशों के बीच युद्ध और संघर्ष खत्म कराए हैं.
नई दिल्ली: हाल ही में व्हाइट हाउस की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की गई. उनका दावा है कि ट्रंप ने कई देशों के बीच युद्ध और संघर्ष खत्म कराए हैं. लेकिन भारत ने इस मुद्दे पर कोई सीधा समर्थन या टिप्पणी नहीं की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से कहा, "जहां तक व्हाइट हाउस के बयानों की बात है, आप ये सवाल उनसे पूछें." जहां अमेरिका ट्रंप को शांति के लिए नोबेल दिलाने की कोशिश में जुटा है, वहीं भारत ने इस पर चुप्पी साधी है और भारत-पाक रिश्तों में किसी तीसरे देश की भूमिका को भी भारत ने स्पष्ट रूप से नकार दिया है.
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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने छह महीनों में कई बड़े संघर्ष खत्म किए हैं – जैसे थाईलैंड-कंबोडिया, इज़राइल-ईरान, भारत-पाकिस्तान, मिस्र-इथियोपिया जैसे देशों के बीच. उन्होंने कहा, "ट्रंप औसतन हर महीने एक शांति समझौता करवा चुके हैं, अब समय आ गया है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाए."
भारत-पाकिस्तान पर ट्रंप के दावे और भारत का इंकार
हालांकि ट्रंप और उनके प्रशासन का दावा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में भूमिका निभाई, लेकिन भारत ने इन दावों को खारिज कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में साफ कहा, "9 मई की रात को अमेरिका के उपराष्ट्रपति का फोन आया, लेकिन मैं सेना के साथ मीटिंग में था. बाद में मैंने उन्हें कॉल किया और साफ कहा कि अगर पाकिस्तान हमला करेगा, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी."
विदेश मंत्री जयशंकर की पुष्टि
राज्यसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पीएम मोदी की बात को दोहराया और कहा, "दुनिया में किसी भी नेता ने भारत से ऑपरेशन सिंदूर रोकने को नहीं कहा."
भारत-अमेरिका संबंधों पर सरकार ने क्या कहा?
रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध रणनीतिक और स्थायी हैं. दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्य और साझा हित हैं. "हमारा फोकस दोनों देशों के साझा एजेंडे पर है और हमें विश्वास है कि यह रिश्ता आगे भी मजबूत होता रहेगा."
भारत-रूस रिश्तों पर भी भारत की सफाई
जब रूस के साथ भारत के संबंधों पर सवाल किया गया, तो जायसवाल ने कहा, "हमारा हर देश के साथ रिश्ता उसके अपने आधार पर होता है. भारत-रूस की साझेदारी समय की कसौटी पर खरी उतरी है."
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 01, 2025 09:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

