न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत को लेकर दो अहम बयान दिए. लगभग एक घंटे लंबे अपने भाषण में उन्होंने पहले तो दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोका था, और इसके लिए खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बताया. यह दावा उन्होंने पहले भी कई बार किया था, लेकिन इस बार उन्होंने इसे वैश्विक मंच से दोहराया. दूसरा बयान इससे भी अधिक विवादित था, जिसमें ट्रंप ने भारत और चीन को रूस-यूक्रेन युद्ध को जारी रखने के लिए जिम्मेदार ठहराया.
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भारत और चीन पर रूस को फंड करने का आरोप
ट्रंप ने कहा, “चीन और भारत, रूसी तेल खरीदकर, यूक्रेन में चल रहे युद्ध के प्रमुख फंडर हैं.” उन्होंने यूरोपीय देशों से भी रूस और उससे तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त प्रतिबंध लगाने की अपील की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे देशों पर “शक्तिशाली टैरिफ” लगाए जाएं तो युद्ध जल्दी रुक सकता है.
भारत पर 50% टैरिफ
अगस्त में ट्रंप ने भारतीय आयात पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया. उनका मकसद था कि भारत रूसी तेल की खरीदारी बंद करे. हालांकि, भारत का कहना है कि बेहतर दामों के लिए यह खरीदारी जरूरी है और कभी-कभी अमेरिका ने भी वैश्विक तेल कीमतें नियंत्रित रखने के लिए ऐसा करने को अप्रत्यक्ष सहमति दी थी.
पाकिस्तान के साथ युद्ध रोकने का दोहराया दावा
ट्रंप ने अपने भाषण में दोहराया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध को टालने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने इसे अपनी बड़ी उपलब्धियों में गिनते हुए कहा कि इस कदम ने उन्हें शांति के दूत के रूप में स्थापित किया. भारत ने पहले भी स्पष्ट किया है कि उसकी रणनीतियां पूरी तरह स्वतंत्र थीं और उसने ट्रंप के निर्देशों के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की थी.
अमेरिकी मंत्री का बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि भारत के रूसी तेल सौदे अभी भी बातचीत का मुख्य मुद्दा हैं. उन्होंने संकेत दिए कि यदि हालात नहीं बदले तो और सख्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.
मोदी-ट्रंप के रिश्ते कभी गरम कभी नरम
हाल के महीनों में पीएम नरेंद्र मोदी और ट्रंप ने कई बार एक-दूसरे की तारीफ की थी. यहां तक कि ट्रंप ने मोदी को “मेरे अच्छे दोस्त” भी कहा था. इसके बावजूद भारत पर लगाए गए भारी H-1B वीजा शुल्क और बढ़े हुए टैरिफ के चलते दोनों देशों के बीच तनातनी बनी रही.
कांग्रेस नेता और पूर्व राजनयिक शशि थरूर ने इसे ट्रंप के “अनिश्चित स्वभाव” का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा, “ट्रंप को पूरी तरह समझने या उनके अगले कदम का अंदाजा लगाने वाला व्यक्ति शायद अभी पैदा नहीं हुआ….”













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