थाईलैंड सरकार ने कंबोडिया सीमा के पास के क्षेत्र से लगभग 1,80,000 लोगों की बड़े पैमाने पर सुरक्षित स्थानांतरण शुरू किया है. यह कदम कंबोडिया में चल रहे सैन्य संघर्ष और तनावपूर्ण स्थिति के कारण उठाया गया है, ताकि हिंसा से नागरिकों की रक्षा हो सके. वैसे इन देशों के बीच तल्खियों की वजह नई नहीं बल्कि बहुत पुरानी है.
2025 की 28 मई को कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि गोलीबारी की एक वारदात में उनके एक सैनिक की मौत हो गई. 2011 में हुए इसी तरह की घटना हुई थी. करीब 14 साल बाद इतिहास दोहराया गया. हाल ही में कैसे ये टकराव गंभीर स्थिति में परिवर्तित हुआ, ये भी ध्यान देने लायक है. दोनों देश के सेनाध्यक्ष एक दूसरे को बदलते सूरत-ए-हाल का जिम्मेदार मानते हैं.
🇹🇭🇰🇭 | AHORA: Tailandia evacúa a 180.000 personas de la frontera cercana con Camboya mientras el conflicto se intensifica.
— Alerta News 24 (@AlertaNews24) December 10, 2025
फिर 23 जुलाई को थाइलैंड ने कंबोडिया से अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाया और विवादित बॉर्डर पर हुए एक लैंडमाइन ब्लास्ट की घटना का जिक्र किया, जिसमें एक थाई सैनिक घायल हो गया था. उसने कहा कि वह कंबोडिया के एम्बेसडर को भी अपने देश से निकाल देगा.
24 जुलाई को बॉर्डर पर दोनों हथियारों के साथ आपस में भिड़े. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पहले फायरिंग करने का आरोप लगाया. थाईलैंड ने एफ-16 जेट तैनात किए, जिनमें से एक ने कंबोडियाई मिलिट्री टारगेट पर बमबारी की.












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