Relief for Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) के संस्थापक इमरान खान को देश की सर्वोच्च अदालत से बड़ी मानवीय राहत मिली है. गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इमरान खान को उनके बेटों, कासिम और सुलेमान के साथ टेलीफोन पर बातचीत करने की सुविधा दी जाए. इसके साथ ही अदालत ने अदियाला जेल प्रशासन को उनके स्वास्थ्य, विशेष रूप से उनकी आंखों की जांच के लिए एक विशेषज्ञ मेडिकल टीम गठित करने का निर्देश भी दिया है.
कोर्ट का रुख
मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी और न्यायमूर्ति शाहिद बिलाल हसन की दो सदस्यीय पीठ ने इमरान खान की जेल की स्थितियों और सुविधाओं से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान को तलब किया और स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य और परिवार से संपर्क बुनियादी अधिकार हैं. यह भी पढ़े: Imran Khan Prison Sentence: पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान को 14 साल की सजा, पत्नी बुशरा बीबी को भी 7 साल कैद
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समानता का सिद्धांत: मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम इमरान खान के लिए किसी विशेष उपचार की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें वही सुविधाएं मिलनी चाहिए जो कानून के तहत अन्य कैदियों को प्राप्त हैं.
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सरकार का रुख: अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि राज्य कैदियों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है और अदालत के निर्देशों का पालन किया जाएगा.
आंखों की जांच और मेडिकल टीम
पिछले कुछ समय से इमरान खान के स्वास्थ्य और उनकी दृष्टि (Eyesight) को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं. कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए आदेश दिया:
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16 फरवरी से पहले इमरान खान की आंखों की विस्तृत जांच कराई जाए.
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इस जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम बनाई जाए.
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हालांकि, अदालत ने मेडिकल जांच के दौरान परिवार के सदस्यों की उपस्थिति की मांग को खारिज कर दिया है.
जेल की व्यवस्था पर इमरान खान ने जताई संतुष्टि
कोर्ट में पेश की गई एक रिपोर्ट (Amicus Curiae Barrister Salman Safdar द्वारा तैयार) के अनुसार, इमरान खान ने जेल में अपनी सुरक्षा व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया है. हालांकि, उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं और परिवार से संपर्क न हो पाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है.
वर्तमान स्थिति
इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न मामलों में रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं. उनकी पार्टी पीटीआई लंबे समय से आरोप लगा रही थी कि उन्हें एकांत कारावास में रखा जा रहा है और उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है. सुप्रीम कोर्ट का यह ताजा आदेश इमरान खान के लिए एक बड़ी नैतिक और कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उन्हें अपने परिवार से जुड़ने का मौका मिलेगा.













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