एजेंसी न्यूज

Pakistan: पाकिस्तान स्थित राज कपूर, दिलीप कुमार के पैतृक घरों को खरीदेगी प्रांतीय सरकार

पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा की प्रांतीय सरकार ने ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण के मद्देनजर मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राज कपूर और दिलीप कुमार के पैतृक घरों को खरीदने का फैसला किया है, जोकि जर्जर हालत में हैं और ध्वस्त किए जाने के खतरे का सामना कर रहे हैं.

Pakistan: पाकिस्तान स्थित राज कपूर, दिलीप कुमार के पैतृक घरों को खरीदेगी प्रांतीय सरकार
राज कपूर और दिलीप कुमार (Photo Credits: Facebook and Wikimedia Commons)

पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा की प्रांतीय सरकार ने ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण के मद्देनजर मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राज कपूर (Raj Kapoor) और दिलीप कुमार (Dilip Kumar) के पैतृक घरों को खरीदने का फैसला किया है, जोकि जर्जर हालत में हैं और ध्वस्त किए जाने के खतरे का सामना कर रहे हैं. खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के पुरातत्व विभाग ने इन दोनों इमारतों को खरीदने के लिए पर्याप्त कोष देने का निर्णय लिया है, जिन्हें राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया है. यह दोनों इमारतें पेशावर शहर में स्थित हैं.

पुरातत्व विभाग के प्रमुख डॉ अब्दुस समद खान (Abdus Samad Khan) ने कहा कि दोनों ऐतिहासिक इमारतों की कीमत निर्धारित करने के लिए पेशावर के उपायुक्त को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है, जहां बंटवारे से पहले भारतीय सिनेमा के दो महानायक पैदा हुए और बचपन में पले-बढ़े थे. राज कपूर के पैतृक घर को 'कपूर हवेली' के नाम से जाना जाता है जोकि किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित है. इसे राज कपूर के दादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने 1918 से 1922 के बीच बनवाया था. अभिनेता दिलीप कुमार का करीब 100 वर्ष पुराना पैतृक घर भी इसी इलाके में मौजूद है. यह घर जर्जर हालत में है और 2014 में तत्कालीन नवाज शरीफ सरकार ने इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था. यह भी पढ़े: बेहाल पकिस्तान में कोरोना से तबाही, 2,000 से ज्यादा नए मामले आए सामने

खान ने कहा कि इन दोनों ऐतिहासिक इमारतों के मालिकों ने कई बार इसे तोड़कर कमर्शियल प्लाजा बनाने की कोशिश की लेकिन ऐसे सभी प्रयासों को रोक दिया गया क्योंकि पुरातत्व विभाग इनके ऐतिहासिक महत्व के कारण इन्हें संरक्षित करना चाहता था. हालांकि, कपूर हवेली के मालिक अली कादर ने कहा कि वह इमारत को ध्वस्त नहीं करना चाहते थे. अली ने दावा किया कि इस ऐतिहासिक इमारत की रक्षा और संरक्षण के लिए उन्होंने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से कई बार संपर्क किया जोकि एक राष्ट्रीय गौरव है. इमारत के मालिक ने इसे सरकार को बेचने के लिए 200 करोड़ रुपये की मांग की है.

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 27, 2020 05:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).