ग्रीस में मिली 3 लाख साल पुरानी रहस्यमयी खोपड़ी, जो इंसान का नहीं, बल्कि प्राचीन जीव का है
(Photo : X)

Ancient Skull Discovery: ग्रीस की एक गुफा से मिली लगभग 3 लाख साल पुरानी खोपड़ी ने वैज्ञानिकों को दशकों से उलझा रखा था. साल 1960 में उत्तरी ग्रीस की पेट्रालोना गुफा (Petralona Cave) में यह खोपड़ी दीवार से जुड़ी हुई मिली थी. लंबे समय तक इसकी पहचान को लेकर संशय बना रहा, लेकिन अब वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोपड़ी इंसानों की नहीं बल्कि एक प्राचीन लुप्त हो चुकी प्रजाति की है, जो कभी निएंडरथल्स (Neanderthals) के साथ रहती थी.

कैसे हुई जांच?

वैज्ञानिकों ने इस खोपड़ी पर यूरोनियम-थोरियम डेटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे पता चला कि यह कम से कम 2,86,000 साल पुरानी है. पहले यह माना जाता था कि खोपड़ी 1,70,000 से 7,00,000 साल पुरानी हो सकती है.

कौन था "पेट्रालोना मैन"?

रिसर्च से यह निष्कर्ष निकला कि यह खोपड़ी होमो हाइडेलबर्गेंसिस (Homo heidelbergensis) नाम की प्रजाति की है. यह प्रजाति इंसानों (Homo sapiens) और निएंडरथल्स से अलग थी. माना जाता है कि यह प्रजाति करीब 3 लाख से 6 लाख साल पहले अफ्रीका में विकसित हुई, और लगभग 5 लाख साल पहले कुछ समूह यूरोप भी पहुंचे.

पेट्रालोना गुफा में मिली खोपड़ी आकार और मजबूती से देखने पर पुरुष की लगती है, इसलिए इसे "पेट्रालोना मैन" भी कहा जाता है.

खासियत क्या है?

इस खोपड़ी की एक खास बात यह थी कि यह गुफा की दीवार में ऐसे जुड़ी हुई थी जैसे माथे से एक छोटा-सा स्टैलाग्माइट (पत्थर की बर्फीली नोक) निकल रहा हो. यही वजह है कि यह बाकी जगहों पर मिली खोपड़ियों से अलग है.

अफ्रीका और यूरोप से जुड़ाव

यूरोप में रहने वाली होमो हाइडेलबर्गेंसिस आबादी आगे चलकर निएंडरथल्स में विकसित हुई.

वहीं अफ्रीका में मौजूद इस प्रजाति की आबादी से आधुनिक इंसानों (Homo sapiens) का उद्भव हुआ.

ज़ाम्बिया से जुड़ी कड़ी

ग्रीस में मिली यह खोपड़ी ज़ाम्बिया (अफ्रीका) में पाई गई काब्वे खोपड़ी से काफी मिलती-जुलती है. काब्वे खोपड़ी भी लगभग 3 लाख साल पुरानी है और उसे भी होमो हाइडेलबर्गेंसिस प्रजाति का हिस्सा माना जाता है.

यह खोज साबित करती है कि मानव विकास (Human Evolution) की कहानी बेहद जटिल है और अलग-अलग प्रजातियां एक ही समय में धरती पर मौजूद थीं.