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LIVE: 26 देशों ने यूक्रेन को सैन्य समर्थन देने का वादा किया: माक्रों

भारत, दुनिया, खेल और विज्ञान की सारी बड़ी खबरें, एक साथ और तुरंत.

LIVE: 26 देशों ने यूक्रेन को सैन्य समर्थन देने का वादा किया: माक्रों
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत, दुनिया, खेल और विज्ञान की सारी बड़ी खबरें, एक साथ और तुरंत. हम यह पेज लगातार अपडेट कर रहे हैं ताकि आपको दिनभर की खबरें एक साथ एक जगह मिल जाएं.- अफगानिस्तान में फिर आया भूकंप, एक हफ्ते में 2,200 की मौत

- यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख आएंगे भारत, कारोबार पर होगी बातचीत

- नेपाल में फेसबुक समेत कुछ सोशल मीडिया पर बैन

- 26 देशों ने यूक्रेन को सैन्य समर्थन देने का वादा किया: माक्रों

26 देशों ने यूक्रेन को सैन्य समर्थन देने का वादा किया: माक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने घोषणा की है कि 26 देशों ने यूक्रेन को युद्ध के बाद सुरक्षा गारंटी देने का वादा किया है, जिसमें जमीन, समुद्र और हवा में एक अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती शामिल है. यह घोषणा उन्होंने एक शिखर सम्मेलन के बाद की, जहां यूरोपीय नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से यूक्रेन को दिए जाने वाले समर्थन के स्तर पर स्पष्टता मांगी.

पेरिस में एलिसी पैलेस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में माक्रों ने कहा, "जिस दिन संघर्ष समाप्त होगा, सुरक्षा गारंटी लागू की जाएगी." बाद में, उन्होंने संवाददाताओं को बताया, "आज हमारे पास 26 देश हैं जिन्होंने औपचारिक रूप से यूक्रेन में सैनिकों को तैनात करने, या जमीन, समुद्र या हवा में मौजूद रहने के लिए प्रतिबद्धता जताई है." माक्रों ने स्पष्ट किया कि सैनिकों को मोर्चे पर तैनात नहीं किया जाएगा, बल्कि उनका उद्देश्य किसी भी नई बड़ी आक्रामकता को रोकना होगा.

जर्मनी, स्पेन और इटली सहित कई यूरोपीय देशों ने अब तक सैनिकों को भेजने की प्रतिबद्धता जताने से इनकार कर दिया है. एक जर्मन प्रवक्ता ने कहा कि ध्यान यूक्रेनी सशस्त्र बलों को वित्तपोषित करने, हथियार देने और प्रशिक्षित करने पर होना चाहिए, जो कि यूरोप वर्तमान में प्रदान कर रहा है. 35 नेताओं की इस बैठक का उद्देश्य सुरक्षा गारंटी को अंतिम रूप देना और अमेरिकी राष्ट्रपति से समर्थन मांगना था.

नेपाल में फेसबुक समेत कुछ सोशल मीडिया पर प्रतिबंध

नेपाल ने गुरुवार (4 सितंबर) को कहा कि उसने फेसबुक समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर बैन लगा दिया है. काठमांडू का कहना है कि ये सोशल मीडिया साइट्स दुरुपयोग पर कार्रवाई के तहत अधिकारियों के साथ रजिस्ट्रेशन कराने में विफल रहे हैं.

सरकार का कहना है कि फर्जी आईडी वाले यूजर्स नफरत और अफवाहें फैला रहे हैं और साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं. और कुछ प्लेटफार्मों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ रहे हैं. तीन करोड़ की आबादी वाले देश में 90 फीसदी लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं.

सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को बुधवार तक संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में पंजीकरण कराने और स्थानीय संपर्क, शिकायत निवारणकर्ता और सेल्फ रेगुलेशन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का नाम बताने का समय दिया था, ऐसा नहीं करने पर बैन लगाने का आदेश दिया गया था.

गुरुवार को एक सरकारी नोटिस में नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण (एनटीए) नियामक को बिना रजिस्ट्रेशन वाले सोशल मीडिया को बैन करने के लिए कहा गया, लेकिन यह नहीं बताया गया कि किन प्लेटफार्मों पर कार्रवाई की जाएगी.

फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया.

यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख आएंगे भारत, कारोबार पर होगी बातचीत

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा है कि यूरोपीय संघ के व्यापार प्रमुख मारोस सेफकोविच अगले सप्ताह नई दिल्ली का दौरा करेंगे. उन्होंने कहा कि ईयू के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की चर्चा भी अंतिम चरण में है.

यूरोप के साथ लंबे समय से चल रही बातचीत की खबर भारतीय सामानों पर अमेरिकी आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी के एक सप्ताह बाद आई है. अमेरिका ने भारत पर पिछले हफ्ते 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है.

भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि यूरोपीय संघ के साथ चर्चाएं अंतिम चरण में हैं और अगले दौर की वार्ता, जो अगले सप्ताह होने वाली है, वर्ष के अंत तक समझौते के लिए आम सहमति बनाने के लिए महत्वपूर्ण होगी.

अफगानिस्तान में फिर आया भूकंप, एक हफ्ते में 2,200 की मौत

अफगानिस्तान में पिछले छह दिनों में तीसरा भूकंप आया है. जर्मन भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र (जीएफजेड) के मुताबिक पूर्वी अफगानिस्तान में 12 घंटे के अंतराल में दो शक्तिशाली झटके महसूस किए गए.

गुरुवार रात आए भूकंप की तीव्रता 5.4 थी और शुक्रवार सुबह भी एक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया. इस हफ्ते अफगानिस्तान में आए घातक भूकंप में मरने वालों की संख्या 2,200 से ज्यादा हो गई है और गुरुवार तक घायलों की संख्या 3,640 हो गई.

नांगरहार प्रांत के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने कहा कि गुरुवार को आए भूकंप का केंद्र पाकिस्तान की सीमा के पास शिवा जिले में था, और शुरुआती तौर पर कुछ नुकसान की खबरें आई हैं.

रविवार रात को आए भूकंप ने कई गांवों को तहस-नहस कर दिया और 6,700 से ज्यादा घर नष्ट हो गए थे. अफगानिस्तान अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण भूकंपों के प्रति ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 05, 2025 03:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).