विदेश

LIVE: 2 अक्टूबर के ताजा समाचार और अपडेट्स

स्वागत है DW हिन्दी के लाइव ब्लॉग पर, जहां दिनभर की तमाम ब्रेकिंग न्यूज और अपडेट्स हम एक साथ पेश करते हैं ताकि आपको सारी बड़ी और जरूरी खबरें एक साथ मिल जाएं.

LIVE: 2 अक्टूबर के ताजा समाचार और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

स्वागत है DW हिन्दी के लाइव ब्लॉग पर, जहां दिनभर की तमाम ब्रेकिंग न्यूज और अपडेट्स हम एक साथ पेश करते हैं ताकि आपको सारी बड़ी और जरूरी खबरें एक साथ मिल जाएं.- महात्मा गांधी के आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी: मोदी

- इस्राएल ने गाजा जा रहे 13 सहायता जहाजों को रोका

- इलॉन मस्क ने रचा इतिहास, बने दुनिया के पहले 'हाफ-ट्रिलियनेयर'

- हुरुन रिच लिस्ट 2025: मुकेश अंबानी टॉप पर, शाहरुख खान बने अरबपति

हुरुन रिच लिस्ट 2025: मुकेश अंबानी टॉप पर, शाहरुख खान बने अरबपति

एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, भारत में अरबपतियों (जिनकी संपत्ति एक अरब डॉलर से अधिक है) की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो अब 358 हो गई है. कुल मिलाकर, 1,000 करोड़ या उससे अधिक की संपत्ति वाले 1,687 व्यक्ति इस सूची में शामिल किए गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 148 अधिक है. इस दौरान 1,004 व्यक्तियों की संपत्ति में वृद्धि हुई या वह स्थिर रही, जबकि 643 को नुकसान उठाना पड़ा.

इस वर्ष की सूची में सबसे बड़ा बदलाव शीर्ष क्रम पर देखने को मिला. रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार ने 9.55 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है, जबकि गौतम अडानी 8.14 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर रहे.

नए नामों में, बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान 12,490 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ पहली बार अरबपतियों के क्लब में शामिल हुए हैं. वहीं, एआई कंपनी परप्लेक्सिटी के संस्थापक अरविंद श्रीनिवास 21,190 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ इस सूची में सबसे कम उम्र के अरबपति बने हैं.

मशहूर प्राइमेटोलॉजिस्ट जेन गोडॉल का 91 वर्ष की आयु में निधन

विश्व-विख्यात प्राइमेटोलॉजिस्ट डॉ. जेन गोडॉल का 91 वर्ष की आयु में संयुक्त राज्य अमेरिका में निधन हो गया. उनके फेसबुक पेज पर बुधवार, 1 अक्टूबर को जारी एक बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र शांति दूत और जेन गोडॉल इंस्टिट्यूट की संस्थापक डॉ. जेन गोडॉल का निधन स्वाभाविक कारणों से हुआ. निधन के समय वह संयुक्त राज्य अमेरिका के दौरे पर थीं.

गोडॉल की खोजों ने विज्ञान को मौलिक रूप से बदल दिया. वह एक इथोलॉजिस्ट थीं, जिनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह खोज थी कि चिम्पैंजी उपकरणों का उपयोग करते हैं. इस खोज ने मानव जगत के साथ जानवरों के संबंधों के बारे में हमारी समझ को मूलभूत रूप से बदल दिया.

उनके निधन पर संयुक्त राष्ट्र ने गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने हमारे ग्रह और इसके सभी निवासियों के लिए अथक प्रयास किए, जिसने मानवता और प्रकृति के लिए एक असाधारण विरासत छोड़ी है. एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि वह उन कुछ चुनिंदा लोगों में से थीं जिन्होंने ग्रैजुएशन की डिग्री के बिना ही पीएचडी की उपाधि हासिल की.

उनका जन्म 1934 में लंदन में हुआ था और उन्होंने 1960 में तंजानिया में जंगली चिम्पैंजी समुदायों का अध्ययन शुरू किया था. 1977 में, उन्होंने जेन गोडॉल इंस्टीट्यूट की स्थापना की, जो प्रजातियों की रक्षा और पर्यावरण को लाभ पहुंचाने के लिए काम करता है.

इलॉन मस्क ने रचा इतिहास, बने दुनिया के पहले 'हाफ-ट्रिलियनेयर'

अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क 500 अरब डॉलर से अधिक की कुल संपत्ति हासिल करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं. उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला और उनकी अन्य प्रमुख कंपनियों के मूल्यांकन में इस साल आए जबरदस्त उछाल के कारण उन्होंने इतिहास रच दिया है. फोर्ब्स के अरबपतियों के सूचकांक के अनुसार, न्यूयॉर्क समय के अनुसार बुधवार को मस्क की कुल संपत्ति 500.1 अरब डॉलर पर पहुंची थी, हालांकि बाद में दिन में इसमें मामूली गिरावट आई.

मस्क की संपत्ति में यह अभूतपूर्व वृद्धि केवल टेस्ला तक ही सीमित नहीं है. उनकी रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स और हाल ही में शुरू किए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप एक्सएआई सहित उनके अन्य उद्यमों के मूल्यांकन में भी हाल के महीनों में वृद्धि हुई है. इन सभी कंपनियों ने मिलकर उन्हें व्यक्तिगत संपत्ति के मामले में एक ऐसे स्तर पर पहुंचा दिया है, जहां आज तक कोई नहीं पहुंचा था.

इस रिकॉर्ड ने मस्क के दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के दर्जे को और भी मजबूत कर दिया है. फोर्ब्स के अरबपतियों के सूचकांक में वह अब अपने निकटतम प्रतिद्वंदी ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन से काफी आगे निकल गए हैं, जिनकी संपत्ति लगभग 350.7 अरब डॉलर आंकी गई है.

हिमालय क्षेत्र में विकास की नीति पर मोहन भागवत ने जताई चिंता

भारत में गुरुवार, 2 अक्टूबर को दशहरा और विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है. इस मौके पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ आरएसएस के भी 100 साल पूरे हो गए हैं. इस संगठन की स्थापना सन 1925 में दशहरे के दिन ही हुई थी. गुरुवार को आरएसएस ने नागपुर में विजयादशमी उत्सव का आयोजन किया, जिसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्वंयसेवकों को संबोधित किया. उन्होंने अमेरिकी टैरिफ, अन्य देशों से संबंध और स्वदेशी समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी.

उन्होंने कहा कि अभी हाल में अमेरिका ने जो टैरिफ नीति अपनाई, उनके अपने हित के लिए अपनाई होगी लेकिन उसकी मार तो सभी पर पड़ रही है. उन्होंने आगे कहा कि विश्व में राष्ट्रों के बीच सब प्रकार के संबंध होते हैं, कोई राष्ट्र अकेला रहकर जी नहीं सकता लेकिन ये निर्भरता मजबूरी में ना बदल जाए इसलिए हमको आत्मनिर्भर होना पड़ेगा और स्वदेशी का उपयोग करना पड़ेगा.

भागवत ने हिमालय क्षेत्र में बढ़ रही आपदाओं पर भी बात की. उन्होंने कहा, “हिमालय हमारे लिए सुरक्षा की दीवार है और दक्षिण पूर्व एशिया के लिए उसका पूरा जल स्रोत हिमालय से ही आता है. अगर प्रचलित विकास की पद्धति से इन घटनाओं (प्राकृतिक आपदाओं) को और बढ़ावा मिलता हो तो उस नीति पर हमें पुनर्विचार करना होगा क्योंकि हिमालय की आज की अवस्था एक खतरे की घंटी बजा रही है.”

उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश में हुए सत्ता-विरोधी आंदालनों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि जब प्रशासन जनता के पास नहीं रहता, संवदेनशील नहीं रहता, जनता को ध्यान में रखकर नीतियां नहीं बनतीं तो असंतोष रहता है. उन्होंने आगे कहा कि लेकिन उस असंतोष के इस प्रकार व्यक्त होने से किसी का फायदा नहीं है.

इस्राएल ने गाजा जा रहे 13 सहायता जहाजों को रोका

इस्राएली सेना द्वारा गाजा जा रहे एक बड़े सहायता बेड़े (फ्लोटिला) को रोके जाने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना बढ़ गई है. इसके विरोध में दुनिया भर के प्रमुख शहरों में रात में प्रदर्शन हुए. बेड़े के आयोजकों ने गुरुवार को बताया कि इस्राएली बलों ने कुल 43 जहाजों में से 13 जहाजों को रोक लिया है, जबकि शेष 30 जहाज युद्धग्रस्त गाजा की ओर अभी भी बढ़ रहे हैं.

रोके गए जहाजों पर मौजूद कार्यकर्ताओं में प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग, नेल्सन मंडेला के पोते मंडला मंडेला, बार्सिलोना की पूर्व मेयर अडा कोलाउ और कई यूरोपीय सांसद शामिल थे. इस्राएली अधिकारियों ने कहा कि इन सभी कार्यकर्ताओं को सुरक्षित हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें इस्राएल भेज दिया गया है.

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने पुष्टि की है कि इन कार्यकर्ताओं को जल्द ही निर्वासित किया जाएगा. इस कार्रवाई पर तुर्की के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसने इसे "आतंकवादी कृत्य" और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया. इस सहायता बेड़े में लगभग 500 कार्यकर्ता शामिल थे, जो गाजा के नागरिकों के लिए मानवीय सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे.

मोदी बोले, महात्मा गांधी के आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी

गुरुवार, 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी और देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती है. इस मौके पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राजघाट पर महात्मा गांधी और विजय घाट पर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाए.

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, गांधी जयंती का अवसर प्रिय बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि देने के लिए है, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी. उन्होंने दिखाया कि कैसे साहस और सरलता महान बदलाव के माध्यम बन सकते हैं…हम विकसित भारत बनाने के अपने प्रयासों में उनके दिखाए मार्ग पर चलते रहेंगे.

पीएम मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, “श्री लाल बहादुर शास्त्री जी एक असाधारण राजनेता थे, जिनकी ईमानदारी, विनम्रता और दृढ़ संकल्प ने चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत को सशक्त बनाया…'जय जवान जय किसान' के उनके नारे ने हमारे लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई.”

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 02, 2025 03:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).