खमेनेई की मौत ईरान की जनता के लिए बड़ा मौकाः ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस्राएल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खमेनेई मारे गए हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस्राएल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खमेनेई मारे गए हैं.अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस्राएल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खमेनेई मारे गए हैं. ट्रंप ने इसे ईरानी जनता के लिए अपने देश को "वापस लेने” का "सबसे बड़ा मौका” बताया. यह दावा ऐसे समय आया है जब इस्राएल और अमेरिका ने ईरान के सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाते हुए संयुक्त हवाई बमबारी की. ट्रंप ने कहा कि "भारी और बेहद सटीक” बमबारी पूरे हफ्ते, या जरूरत पड़ने तक, बिना रुके जारी रहेगी. ईरान की तरफ से खमेनेई की स्थिति पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई.

इन हमलों ने ईरान में अमेरिकी दखल के एक नए और चौंकाने वाले चरण की शुरुआत कर दी है. परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के दौरान यह दूसरी बार है जब ट्रंप प्रशासन ने आठ महीनों में ईरान पर हमला किया. ट्रंप के दावे के मुताबिक खमेनेई की मौत दशकों से सत्ता में रहे नेता के बाद एक गहरा खाली स्थान पैदा कर सकती है, खासकर इसलिए क्योंकि किसी ज्ञात उत्तराधिकारी का नाम सामने नहीं है और सर्वोच्च नेता के पास प्रमुख नीतियों पर अंतिम फैसला होता है.

हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्राएल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की दिशा में मिसाइलें और ड्रोन दागे. इसके साथ ही टकराव के क्षेत्रीय युद्ध में फैलने की आशंका भी तेज हो गई है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में भी इसी आशंका का जिक्र हुआ, जहां कई देशों ने तनाव घटाने की अपील की.

अलग-अलग दावे

खास बात यह है कि खमेनेई के बारे में अलग-अलग दावे सामने आए हैं. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत "ईरानी जनता के लिए अपने देश को वापस लेने का सबसे बड़ा मौका” है. उन्होंने खमेनेई को "इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक” बताया और कहा कि अत्याधुनिक खुफिया और ट्रैकिंग प्रणाली की वजह से वे नहीं बच सके. ट्रंप ने एबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में भी कहा कि "हम मानते हैं” कि खमेनेई मारे गए हैं, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह "कुछ भी निर्णायक रूप से” तब तक नहीं कहना चाहते जब तक पूरी तरह देख न लें. एनबीसी न्यूज को दिए एक संक्षिप्त फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है यह "सही खबर” है और ईरान के "ज्यादातर” वरिष्ठ नेतृत्व के "खत्म” होने का दावा भी किया.

इस्राएली पक्ष से भी इसी तरह के संकेत दिए गए. इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रीय टेलीविजन संबोधन में कहा कि "संकेत” हैं कि खमेनेई अब "जिंदा नहीं” हैं. उन्होंने कहा कि हमले में खमेनेई के परिसर को निशाना बनाया गया. इसके बाद इस्राएली अधिकारियों ने असोसिएटेड प्रेस से कहा कि खमेनेई की मौत हो चुकी है. अधिकारियों ने औपचारिक घोषणा से पहले नाम न बताने की शर्त पर यह बात कही और ज्यादा विवरण नहीं दिया.

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एनबीसी न्यूज से कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार सर्वोच्च नेता अयोतोल्ला अली खमेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान "जिंदा” हैं. यानी एक ही दिन में खमेनेई की स्थिति को लेकर अमेरिका और इस्राएल के दावों तथा ईरान के मंत्री के बयान के बीच स्पष्ट विरोधाभास दिखा.

पूरी दुनिया में हलचल

उधर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. ईरान के राजनयिक ने अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्स को चेतावनी देते हुए कहा कि "मैं अमेरिका के प्रतिनिधि को सलाह देता हूं कि शालीन रहें. यह आपके और आपके देश के लिए बेहतर होगा.” जवाब में वॉल्ट्स ने कहा कि यह निकाय उस "शासन” के प्रतिनिधि को सुन रहा है जिसने "अपने ही लोगों में से हजारों को मारा” और "आजादी चाहने” पर बहुतों को कैद किया.

परमाणु निगरानी से जुड़े घटनाक्रम में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बताया कि उसका गवर्नर्स बोर्ड सोमवार सुबह विएना मुख्यालय में विशेष सत्र करेगा. एजेंसी के मुताबिक यह सत्र रूसी संघ के अनुरोध पर बुलाया गया.

राजनयिक स्तर पर, यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की रविवार को वर्चुअल बैठक तय हुई, और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लाएन ने सोमवार को आपात सुरक्षा बैठक की बात कही. यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा कि युद्ध का और फैलना रोकना जरूरी है और क्षेत्र में ईरान के हमलों से व्यापक युद्ध का खतरा बढ़ता है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केयर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन ने ईरान पर हमले में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन उसने क्षेत्र में अपने लोगों और सहयोगियों के लिए वायु रक्षा प्रदान की और अपने ठिकानों तथा कर्मियों की सुरक्षा उच्चतम स्तर पर कर दी है. वहीं अमेरिका में डेमोक्रेट सीनेटर टिम केन ने हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि बिना कांग्रेस की अनुमति युद्ध छेड़ने और स्पष्ट उद्देश्य के बिना आगे बढ़ने पर गंभीर सवाल उठते हैं, और उन्होंने सीनेट से तत्काल वापस आकर इन हमलों को अधिकृत या सीमित करने पर वोट की मांग की.

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