JPMorgan यौन उत्पीड़न मामला: केस दर्ज होने से पहले बैंक ने की थी 10 लाख डॉलर के समझौते की पेशकश, पूर्व बैंकर ने ठुकराया

जेपी मॉर्गन चेस (JPMorgan Chase) के एक पूर्व निवेश बैंकर चिरायु राणा ने बैंक और अपनी पूर्व सहकर्मी पर यौन उत्पीड़न और नस्लीय भेदभाव का आरोप लगाया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला अदालत पहुंचने से पहले बैंक ने 1 मिलियन डॉलर के सेटलमेंट की पेशकश की थी.

JPMorgan यौन उत्पीड़न मामला (File Image)

न्यूयॉर्क, 7 मई: वैश्विक बैंकिंग दिग्गज जेपी मॉर्गन चेस (JPMorgan Chase) इन दिनों एक हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद (High-Profile Legal Dispute) का सामना कर रहा है. वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने अपने एक पूर्व निवेश बैंकर चिरायु राणा (Chirayu Rana) द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और उत्पीड़न (S*xual Assault and Harassment) के दावों को अदालत के बाहर सुलझाने के लिए 10 लाख डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ रुपये) के समझौते की पेशकश की थी. हालांकि, यह समझौता सिरे नहीं चढ़ सका और राणा ने न्यूयॉर्क की अदालत में औपचारिक मुकदमा दायर कर दिया है. यह भी पढ़ें: Lorna Hajdini Sued: जेपी मॉर्गन की महिला एग्जीक्यूटिव पर गंभीर आरोप; जूनियर कर्मचारी ने लगाया यौन उत्पीड़न, ड्रगिंग और नस्लीय दुर्व्यवहार का मामला

क्या हैं गंभीर आरोप?

चिरायु राणा द्वारा दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि बैंक में उनके कार्यकाल के दौरान एक महिला सहकर्मी, लोर्ना हजदिनी ने उनका यौन उत्पीड़न किया.  इसके अलावा, राणा ने अन्य कर्मचारियों पर उनके साथ नस्लीय भेदभाव (Racial Discrimination) करने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं. सोमवार को फिर से दायर किए गए इस मुकदमे में बैंक के भीतर एक 'विषाक्त' कार्य वातावरण और प्रबंधन की विफलता का दावा किया गया है.

सेटलमेंट की कोशिशें और इनकार

मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, जेपी मॉर्गन ने मुकदमेबाजी से बचने और बैंक की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए मुकदमे से कुछ सप्ताह पहले ही बड़ी राशि के सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा था. हालांकि, राणा ने इस प्रस्ताव को स्वीकार क्यों नहीं किया, इसके कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय संस्थान अक्सर लंबे कानूनी विवादों और सार्वजनिक बदनामी से बचने के लिए ऐसे प्री-लिटिगेशन समझौतों का सहारा लेते हैं.

आंतरिक प्रक्रियाओं पर उठे सवाल

राणा की शिकायत में विस्तृत घटनाओं का उल्लेख है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि आंतरिक रूप से शिकायत करने के बावजूद बैंक ने इन मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया. मुकदमे के अनुसार, कार्यस्थल पर उनके साथ हुए दुर्व्यवहार को रोकने में बैंक की नीतियां और शिकायत निवारण प्रक्रियाएं विफल रहीं. अब यह मामला न्यूयॉर्क की राज्य अदालत में चलेगा, जहाँ बैंक द्वारा इन आरोपों को चुनौती दिए जाने की उम्मीद है.

बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ता दबाव

हाल के वर्षों में जेपी मॉर्गन सहित कई बड़े वित्तीय संस्थानों को वर्कप्लेस कल्चर, उत्पीड़न की नीतियों और आंतरिक शिकायतों को संभालने के तरीकों को लेकर कड़ी जांच का सामना करना पड़ा है. यह मामला एक बार फिर वॉल स्ट्रीट पर काम करने के माहौल और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ सकता है.

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