Operation Gideon Chariots: गाजा में तबाही का दौर! इजराइल ने शुरू किया अब तक का सबसे खूंखार ऑपरेशन
इज़राइल ने गाज़ा में 'गिदेओन की रथयात्रा' नाम से बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है, जिसका मकसद हमास को खत्म करना और बंधकों को छुड़ाना है. इस अभियान के तहत इज़राइली सेना ने 150 से ज़्यादा ठिकानों पर हमले किए, जिससे भारी तबाही हुई है.
Israel Gaza War 2025: इज़राइल ने गाज़ा पट्टी में एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसे "ऑपरेशन गिदेओन की रथयात्रा" (Gideon’s Chariots) नाम दिया गया है. इसका मकसद है - रणनीतिक इलाकों पर कब्ज़ा करना, हमास को हराना और बंधकों को रिहा कराना.
क्या है इस ऑपरेशन का उद्देश्य?
इज़राइली सेना (IDF) के मुताबिक़, इस अभियान के तहत सेना ने गाज़ा के कई अहम इलाकों पर कब्ज़ा करने के लिए ज़बरदस्त हवाई और ज़मीनी हमले किए हैं. सेना का कहना है कि यह ऑपरेशन गाज़ा में युद्ध के सभी लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में बढ़ाया जा रहा है. इसमें मुख्य लक्ष्य हैं:
- बंधकों को रिहा कराना
- हमास को पूरी तरह खत्म करना
- इज़राइली नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
गाज़ा में हालात बेहद गंभीर
गाज़ा की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक़, शुक्रवार को इज़राइली हमलों में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं इज़राइल का दावा है कि उसने पिछले 24 घंटे में 150 से ज्यादा आतंकी ठिकानों पर हमला किया है.
गाज़ा में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि वहां खाने, साफ पानी, ईंधन और दवाइयों की भारी कमी हो गई है. NGOs लगातार इज़राइल से राहत सामग्री की अनुमति देने की अपील कर रहे हैं, लेकिन इज़राइल का कहना है कि यह दबाव बनाने की रणनीति है ताकि हमास बंधकों को छोड़े.
नेतन्याहू की रणनीति पर विवाद
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाज़ा की आबादी को दक्षिण की ओर खदेड़ने और वहां के कुछ हिस्सों पर स्थायी कब्ज़ा करने की योजना बना रहे हैं, ताकि हमास को जड़ से खत्म किया जा सके. लेकिन इस योजना को संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने "जनसंख्या विस्थापन" के तौर पर निंदा की है.
अमेरिका और इज़राइल के बीच मतभेद
हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व का दौरा किया, लेकिन इज़राइल नहीं गए. उन्होंने गाज़ा में "फ्रीडम ज़ोन" बनाने की बात कही, जहां अमेरिका की भूमिका हो. हालांकि उनकी यात्रा के दौरान कोई ठोस संघर्षविराम समझौता नहीं हो पाया.
ट्रंप ने कहा – "हम गाज़ा की स्थिति को ठीक करेंगे, बहुत से लोग वहां भूख से मर रहे हैं."
अंदर से भी टूट रहा है इज़राइल?
इज़राइली सेना के भीतर भी इस लंबे युद्ध को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है. हजारों रिज़र्व सैनिक और वायुसेना के पूर्व अधिकारी सरकार से मांग कर रहे हैं कि बंधकों को वापस लाने के लिए युद्ध रोकने का विकल्प भी खुला रखा जाए.
इज़राइल का ये ऑपरेशन गाज़ा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है. लेकिन इससे हालात और बिगड़ते दिख रहे हैं - गाज़ा में मानवीय संकट गहराता जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना तेज हो गई है और इज़राइल के भीतर भी सवाल उठने लगे हैं. अब देखना यह है कि यह ऑपरेशन अपने घोषित लक्ष्य पूरे करता है या गाज़ा के संघर्ष को और लंबा खींच देता है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2025 02:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

