Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों पर भारत ने जताई चिंता, UNSC वीटो मामले पर बरकरार रखा तटस्थ रुख

होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर बढ़ते हमलों के बीच भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी चिंता व्यक्त की है. हालांकि, रूस और चीन द्वारा ईरान के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर वीटो करने के मामले में भारत ने तटस्थ रुख अपनाया है.

होर्मुज जलडमरूमध्य (Photo Credits: Wikimedia Commons)

संयुक्त राष्ट्र: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों (Attacks on Commercial Shipping) को लेकर भारत (India) ने गंभीर चिंता व्यक्त की है. गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) की बैठक में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा भारत की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान और तनाव कम करने के लिए कूटनीति का सहारा लेने की अपील की है. यह भी पढ़ें: हॉर्मुज पर बढ़ते तनाव के बीच बड़ी कूटनीतिक पहल, नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों ने सुरक्षित समुद्री रास्तों पर बनाई साझा रणनीति

वीटो पर भारत का संतुलित रुख

हाल ही में रूस और चीन ने सुरक्षा परिषद (UNSC) के उस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया था, जिसमें ईरान से हमलों को रोकने की मांग की गई थी. इस मुद्दे पर भारत ने किसी का पक्ष लेने के बजाय तटस्थता अपनाई. महासभा में भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, हमने सभी राज्यों से संवाद, कूटनीति और तनाव कम करने को बढ़ावा देने का आग्रह किया है. भारत ने सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

ऊर्जा सुरक्षा के लिए रणनीतिक चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कुल जीवाश्म ईंधन यातायात के लगभग 20 प्रतिशत के लिए मुख्य मार्ग है। भारत के लिए इसकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है क्योंकि:

वैश्विक शक्तियों के बीच मतभेद

रूस और चीन ने अपने वीटो का बचाव करते हुए कहा कि बहरीन द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव 'एकतरफा' था. रूस का तर्क है कि यह प्रस्ताव उन इजरायली और अमेरिकी कार्रवाइयों की अनदेखी करता है जिनसे संघर्ष भड़का. वहीं, चीन का कहना है कि वह प्रस्ताव को मंजूरी देकर अनधिकृत सैन्य अभियानों को 'वैधता का जामा' नहीं पहनाना चाहता था.

दूसरी ओर, अमेरिका और खाड़ी देशों ने इस वीटो की तीखी आलोचना की है. अमेरिकी प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज ने ईरान पर वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने और दक्षिण एशिया में खाद (fertilizer) की आपूर्ति रोककर खाद्य संकट पैदा करने का आरोप लगाया.

भारत की पिछली कूटनीतिक भूमिका

हालांकि भारत वर्तमान वीटो पर तटस्थ है, लेकिन 11 मार्च को भारत ने बहरीन द्वारा लाए गए एक अन्य प्रस्ताव का सह-प्रायोजन (co-sponsor) किया था, जिसमें ईरान द्वारा पड़ोसियों पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई थी. उस समय रूस और चीन वोटिंग से अनुपस्थित रहे थे, जिससे प्रस्ताव पारित हो गया था.

भारत का ताजा बयान दर्शाता है कि वह अपने आर्थिक हितों और अंतरराष्ट्रीय नियमों की सुरक्षा चाहता है, लेकिन वह वैश्विक शक्तियों के बीच चल रहे कूटनीतिक युद्ध में सीधे तौर पर किसी एक पक्ष के साथ खड़ा होने से बच रहा है.

Share Now

संबंधित खबरें

India vs New Zealand, 4th T20I Match Live Score Update: ऑकलैंड में टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच खेला जा रहा है सीरीज का चौथा मुकाबला, यहां देखें मैच का लाइव स्कोर अपडेट

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite? ऑकलैंड में भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच चौथे टी20 मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

India vs New Zealand, 4th T20I Match Live Toss And Scorecard: ऑकलैंड में टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

India vs New Zealand 4th T20I Match Key Players To Watch Out: ऑकलैंड में टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच आज होगी रोमांचक टक्कर, इन स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें