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Donald Trump-Xi Jinping Meeting: यूएस-चीन में बनेगी बात? डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर क्या बोले रुबियो?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार एशिया दौरे पर निकले हैं. इस दौरान ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंगे. टैरिफ विवाद के बीच दोनों नेताओं की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है. शी-ट्रंप की मुलाकात को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान भी सामने आया है.

Donald Trump-Xi Jinping Meeting: यूएस-चीन में बनेगी बात? डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर क्या बोले रुबियो?

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार एशिया दौरे पर निकले हैं. इस दौरान ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) से भी मुलाकात करेंगे. टैरिफ विवाद के बीच दोनों नेताओं की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है. शी-ट्रंप की मुलाकात को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान भी सामने आया है. रुबियो ने मीडिया से बातचीत के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि चिंता क्यों होनी चाहिए. ताइवान में कई ऐसी बातें हैं जिन्हें लेकर वह चिंतित हैं, और उनकी स्थिति को देखते हुए यह सही भी है, लेकिन राष्ट्रपति की बातचीत मुख्यतः हमारे देशों के आकार और महत्व के कारण अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े रहने की आवश्यकता के अलावा, व्यापार के मोर्चे पर भी रही है."

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि आपको कोई ऐसा व्यापार समझौता देखने को मिलेगा, जहां लोगों को इस बात की चिंता हो कि हमें कोई ऐसा व्यापार समझौता मिलेगा या जहां ताइवान से अलग होने के बदले में हमें व्यापार को लेकर अनुकूल व्यवहार मिलेगा. ऐसा कोई नहीं सोच रहा है. बीते कुछ समय में देखा गया है कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंध सुधर रहे हैं. इससे भारत और अमेरिका पर पड़ने वाले प्रभाव और भारत और पाकिस्तान के संबंध को लेकर उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि वे स्पष्ट कारणों से चिंतित हैं क्योंकि पाकिस्तान और भारत के बीच ऐतिहासिक रूप से तनाव रहा है, लेकिन, मुझे लगता है कि उन्हें यह समझना होगा कि हमें कई अलग-अलग देशों के साथ संबंध रखने होंगे." यह भी पढ़ें : दुनिया को बदल रही ट्रंप की योजनाओं में कहां फिट बैठता है यूरोप?

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, "हम पाकिस्तान के साथ अपने रणनीतिक संबंधों का विस्तार करने का एक अवसर देखते हैं. यह हमारा काम है कि हम यह पता लगाने की कोशिश करें कि हम कितने देशों को ढूंढ सकते हैं जिनके साथ हम साझा हितों पर काम कर सकते हैं. इसलिए, जब कूटनीति और उस तरह की चीजों की बात आती है तो भारतीय बहुत परिपक्व हैं."

उन्होंने कहा कि भारत के कुछ ऐसे देशों के साथ संबंध हैं जिनके साथ हमारे संबंध नहीं हैं. इसलिए, यह एक परिपक्व, व्यावहारिक विदेश नीति का हिस्सा है. मुझे नहीं लगता कि हम पाकिस्तान के साथ जो कुछ भी कर रहे हैं वह भारत के साथ हमारे संबंधों या दोस्ती की कीमत पर है, जो गहरे, ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 26, 2025 04:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).