Trump-Sharif Meeting: अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों (Pakistan US Relations) में एक नई गर्मजोशी देखी जा रही है. गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस (White House) में आमने-सामने मुलाकात की. यह मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण रही, क्योंकि 2019 के बाद पहली बार किसी पाकिस्तानी पीएम ने ओवल ऑफिस में कदम रखा था. शरीफ शाम करीब 5 बजे व्हाइट हाउस पहुंचे, उनके साथ पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर (Pakistan Army Chief Asim Munir) भी थे. प्रधानमंत्री के रूप में शरीफ की ट्रंप के साथ यह पहली सीधी मुलाकात थी.
हालांकि, दोनों नेताओं ने इससे पहले न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के दौरान एक संयुक्त बैठक की थी.
पाक पीएम शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की
STORY | Pak PM Sharif, Field Marshal Munir meet US President Donald Trump at White House
Pakistani Prime Minister Shehbaz Sharif and Field Marshal Asim Munir met US President Donald Trump in the White House. Sharif is in the US for the 80th session of the United Nations General… pic.twitter.com/voKpKXwBx3
— Press Trust of India (@PTI_News) September 26, 2025
'मैंने सात युद्ध सुलझाए'
VIDEO | Washington: Interacting with reporters at the White House, US President Donald Trump (@POTUS) said: "I solved seven wars... infact, we have a great leader coming... the prime minister of Pakistan and the field marshal. The field marshal is a very great guy and so is the… pic.twitter.com/WhCF0efDUB
— Press Trust of India (@PTI_News) September 26, 2025
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
शाहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र (80th session of the United Nations General Assembly) के लिए अमेरिका में हैं. आज, शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से आम बहस को संबोधित करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और जलवायु संकट जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. शरीफ की यह यात्रा गाजा युद्ध के संबंध में अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ उनकी संयुक्त बैठक के बाद हो रही है. उन्होंने जलवायु शिखर सम्मेलन (Climate Summit) में भी पाकिस्तान की आवाज उठाई है.
मुलाकात से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने शरीफ और मुनीर की तारीफ की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल बेहतरीन नेता हैं और अमेरिका उनके साथ काम करने को तैयार है. ट्रंप ने कहा, "मैंने सात युद्ध सुलझाए. रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine war) में पुतिन जो कर रहे हैं, उससे मैं वाकई असंतुष्ट हूं, वह बिना किसी कारण के लोगों की हत्या कर रहे हैं.
अमेरिका के करीब क्यों जा रहा पाकिस्तान?
ट्रंप और शरीफ के बीच यह मुलाकात सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं थी, इसमें एक स्पष्ट प्रतीकात्मक संदेश भी था. पाकिस्तानी सरकार इस समय अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रही है. राष्ट्रपति ट्रंप और पाकिस्तानी सेना प्रमुख मुनीर के बीच पहले से ही गहरी आत्मीयता है.
जून में, ट्रंप ने मुनीर को व्हाइट हाउस में दोपहर के भोजन पर आमंत्रित किया था. इसके बाद मुनीर ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) के लिए नामांकित किया.
भारत और अमेरिका में कैसे हैं संबंध?
इस बीच, भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में भी कुछ नरमी आई है. ट्रंप प्रशासन ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने पर आपत्ति जताई थी और हाल ही में भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ में 50% (50% Tariff) की वृद्धि की थी. इस बीच, पाकिस्तान और अमेरिका ने जुलाई में एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे अमेरिकी कंपनियों को पाकिस्तान के तेल भंडार का विकास करने और पाकिस्तानी निर्यात पर टैरिफ कम करने में मदद मिलेगी.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी ट्रंप के प्रति समर्थन व्यक्त किया है और उन्हें शांति का दूत बताया है. इस बीच, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर चुप रहे हैं. हालांकि, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि वह जल्द ही मोदी से मिलेंगे और व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाएंगे.













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