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Covid-19 JN.1 Variant: अमेरिका में जेएन.1 अब 62% कोविड-19 मामलों के लिए है जिम्मेदार- सीडीसी

अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) का अनुमान है कि ओमिक्रॉन के वंश से अत्यधिक संक्रामक जेएन.1 प्रमुख कोविड-19 वेरिएंट है, जो अमेरिका में 62 प्रतिशत एसएआर-कोव-2 मामलों का कारण बनता है.

Covid-19 JN.1 Variant: अमेरिका में जेएन.1 अब 62% कोविड-19 मामलों के लिए है जिम्मेदार- सीडीसी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

न्यूयॉर्क, 7 जनवरी : अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) का अनुमान है कि ओमिक्रॉन के वंश से अत्यधिक संक्रामक जेएन.1 प्रमुख कोविड-19 वेरिएंट है, जो अमेरिका में 62 प्रतिशत एसएआर-कोव-2 मामलों का कारण बनता है. शुक्रवार को जारी सीडीसी के नवीनतम अनुमानों में 55 से 68 प्रतिशत कोविड मामलों के लिए है जेएन.1 वेरिएंट को जिम्‍मेदार माना गया है. कहा गया है कि क्रिसमस से पहले अमेरिका में 39 से 50 प्रतिशत मामले थे.

पिछले सप्ताह कोविड-19 के लगभग 34,800 नए मामले दर्ज किए गए. पिछले डेटा अपडेट के बाद से 20.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुुई और मौतें भी 12.5 फीसदी बढ़ी हैं. अपशिष्ट जल निगरानी डेटा से यह भी पता चलता है कि अमेरिका में कोविड-19 वायरल स्तर "बहुत अधिक" है. हालांकि, सीडीसी का कहना है कि फिलहाल इस बात का कोई सबूत नहीं है कि जेएन.1 अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है. एजेंसी ने यह भी नोट किया कि मौजूदा टीकों से जेएन.1 के खिलाफ सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद है. सीडीसी के डेटा के मुताबिक, बुखार, खांसी और अन्य लक्षणों के साथ श्‍वसन संबंधी बीमारियों के स्तर भी बढ़े हैं. यह भी पढ़ें : COVID-19: सिंगापुर में कोविड-19 चरम पर लेकिन चिकित्सकों की नजर मामलों में संभावित वृद्धि पर

तेजी से फैलने के कारण विश्‍व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जेएन.1 वेरिएंट को वीओआई के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो इस समय लगभग 41 देशों में मौजूद है. इसका पहली बार अगस्त में लक्ज़मबर्ग में पता चला था. जेएन.1 अपने मूल बीए.2.86 की तरह है, लेकिन स्पाइक प्रोटीन में एक अतिरिक्त उत्परिवर्तन (एल455एस) है, जिसमें प्रतिरक्षा-विरोधी गुण हैं. सीडीसी ने कहा कि जेएन.1 के मामले लगातार बढ़ने से पता चलता है कि यह वेरिएंट या तो अधिक संक्रामक है या अन्य परिसंचारी वेरिएंट की तुलना में हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली से बचने में सक्षम है. जेएन.1 के मामले दुनियाभर के अधिकांश क्षेत्रों में भी पाए गए हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 07, 2024 08:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).