Israel-Hamas Ceasefire in Gaza: गाजा में इजरायल और हमास के बीच सीजफायर शुरू! आज 3 इजरायली महिला बंधकों की होगी रिहाई
इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम आज गाजा में प्रभावी हुआ, जिसमें तीन इजरायली महिला बंदियों की रिहाई का वादा किया गया है. हमास ने इन बंदियों के नाम इजराइल के मध्यस्थों को सौंपे, और इजराइल ने इसकी पुष्टि की.
Israel-Hamas Ceasefire in Gaza 2025: गाजा में इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम आज से प्रभावी हो गया है. यह संघर्ष विराम स्थानीय समयानुसार 11:15 बजे (09:15 GMT) शुरू हुआ, हालांकि इसमें लगभग तीन घंटे की देरी हुई. इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस संघर्ष विराम की घोषणा की.
इजराइल ने पुष्टि की कि उसे उन तीन इजरायली महिला बंदियों की सूची मिल गई है, जिन्हें संघर्ष विराम के तहत आज रिहा किया जाएगा. इन महिलाओं के नाम रोमि गोनेन, डोरोन स्टाइनब्रेचर और एम्मिली डामारी हैं. इस घोषणा के बाद, इजराइल ने इन महिलाओं के परिवारों को सूचित करना शुरू कर दिया.
हमास ने उन तीन बंदियों के नाम मध्यस्थों को सौंप दिए हैं, जिन्हें आज रिहा किया जाएगा. हमास द्वारा किए गए इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे संघर्ष विराम के दौरान विश्वास निर्माण का एक मौका मिलता है. हालांकि, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले कहा था कि हमास ने अपने वादे के मुताबिक तीन बंदियों के नाम समय पर नहीं दिए थे.
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Ceasefire in Gaza has officially begun. pic.twitter.com/KqPK8AjcW7
— Globe Eye News (@GlobeEyeNews) January 19, 2025
गाजा में सुरक्षा स्थिति भी बदल रही है. गाजा क्षेत्र में हजारों पालेस्तीन पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है, ताकि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखी जा सके. गाजा सरकार मीडिया कार्यालय ने बताया कि इस समय नगरपालिकाएँ सड़कों को फिर से खोलने और सुधारने का काम शुरू कर चुकी हैं. इसके साथ ही, सरकारी मंत्रालय और संस्थाएँ सामान्य जीवन को जल्दी और धीरे-धीरे बहाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
संघर्ष विराम के बाद, सरकार ने लोगों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है. इसमें नष्ट हुई क्षेत्रों से दूर रहने और संदिग्ध रॉकेट्स और वस्तुओं से बचने की सलाह दी गई है. गाजा क्षेत्र में विस्थापित लोगों की वापसी संघर्ष विराम के सात दिन बाद शुरू होगी.
यह संघर्ष विराम दोनों पक्षों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, हालांकि इसे लागू करने में कई चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं. दोनों ही पक्षों के लिए शांति और स्थिरता की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, बशर्ते कि सभी शर्तों का पालन किया जाए और सुरक्षा बनाए रखी जाए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 19, 2025 03:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

