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Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनाने के लिए संसद को भंग किया जाएगा- राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मौजूदा संसद को भंग करने का ऐलान किया है. उनका कहना है कि संविधान के अनुसार मौजूदा संसद को जल्द से जल्द संसद को भंग कर दिया जाएगा.

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनाने के लिए संसद को भंग किया जाएगा- राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन
Mohammad Shahabuddin(img: FB)

नई दिल्ली, 6 अगस्त : बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मौजूदा संसद को भंग करने का ऐलान किया है. उनका कहना है कि संविधान के अनुसार मौजूदा संसद को जल्द से जल्द संसद को भंग कर दिया जाएगा. डेली सन की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास बंगभवन से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में यह बयान दिया गया.

इससे पहले सोमवार रात को अंतरिम सरकार के गठन पर चर्चा के लिए सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमां के साथ बंगभवन में तीनों सेनाओं के प्रमुखों, राजनीतिक नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और आरक्षण आंदोलन के नेताओं की बैठक हुई थी प्रेस बयान के अनुसार, राष्ट्रपति शहाबुद्दीन की अध्यक्षता में बैठक हुई में उन्होंने विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया और उनकी आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की. यह भी पढ़ें : Bangladesh Crisis: बांग्लादेश के हालात पर सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, विदेश मंत्री एस जयशंकर सभी दलों के नेताओं को देंगे जानकारी

बैठक में सर्वसम्मति से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष खालिदा जिया को भी तुरंत रिहा करने का फैसला लिया गया. डेली सन की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुए आंदोलन में विभिन्न मामलों में हिरासत में लिए गए सभी कैदियों को रिहा करने का फैसला किया गया. बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि सांप्रदायिक सौहार्द को किसी भी तरह से नष्ट नहीं किया जाना चाहिए.

प्रतिनिधिमंडल में बीएनपी के मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और मिर्जा अब्बास शामिल थे; जातीय पार्टी के जीएम क्वाडर, मोजिबुल हक चुन्नू और अनिसुल इस्लाम; नागरिक ओइक्या के महमूदुर रहमान मन्ना; हेफ़ाज़त-ए-इस्लाम के मोमिनुल हक, मुफ़्ती मोनिर कासमी और महबुबुर रहमान; जमात-ए-इस्लामी के डॉ. शफीकुर रहमान और शेख मोहम्मद मसूद; जाकेर पार्टी के शमीम हैदर; जन एकजुटता आंदोलन के ज़ोनयेद साकी; ढाका विश्वविद्यालय के शिक्षक आसिफ नज़रुल; एंटी-डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट के समन्वयक आरिफ तालुकदार, उमर फारूक और मोबश्वेरा करीम मिमी शामिल थे.

बांग्लादेश सेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण करने के लगभग दो महीने के भीतर, जनरल वाकर-उज-जमां को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की औपचारिक घोषणा करनी पड़ी. इसके अलावा उन्हें 17 करोड़ लोगों के देश में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो हिंसक विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 06, 2024 10:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).