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टैरिफ की तकरार के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री का बड़ा बयान, कहा- चुनौतियों के बावजूद भारत-अमेरिका होंगे साथ

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने भरोसा जताया कि व्यापार विवादों के बावजूद वॉशिंगटन और नई दिल्ली एक साथ आगे बढ़ेंगे. उन्होंने कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था. अंततः हम साथ आएंगे.”

टैरिफ की तकरार के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री का बड़ा बयान, कहा- चुनौतियों के बावजूद भारत-अमेरिका होंगे साथ
PM Modi and Donald Trump | X

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने भरोसा जताया कि व्यापार विवादों के बावजूद वॉशिंगटन और नई दिल्ली एक साथ आगे बढ़ेंगे. उन्होंने कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था. अंततः हम साथ आएंगे.” यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लागू कर दिया है. इसके कुछ ही हफ्ते पहले रूस से तेल और रक्षा उपकरण खरीदने पर भी भारत पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था. इसे लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.

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भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि कृषि और डेयरी क्षेत्र किसी भी हालत में समझौते का हिस्सा नहीं बनेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आश्वस्त किया है कि सरकार उनके हितों से कोई समझौता नहीं करेगी. उन्होंने कहा, “कितना भी दबाव आए, छोटे उद्यमियों और किसानों की रक्षा करना मेरी सरकार की प्राथमिकता रहेगी.”

जटिल हो रही बातचीत

स्कॉट बेसेंट ने माना कि बातचीत अब कहीं अधिक जटिल हो गई है. उनका कहना है कि अमेरिका को गर्मियों तक कोई बड़ा ब्रेकथ्रू मिलने की उम्मीद थी, लेकिन रूसी तेल की खरीद ने बातचीत को और कठिन बना दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत की कुछ नीतियां उन्हें प्रदर्शनकारी लगती हैं, जिससे समझौते तक पहुंचना आसान नहीं है.

व्यापार घाटे पर अमेरिका की नजर

अमेरिका लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि वह इस रिश्ते में ‘डेफिसिट कंट्री’ (घाटे वाला देश) है. बेसेंट का कहना है, “जब व्यापारिक रिश्तों में खटास आती है, तो घाटे वाला देश मजबूत स्थिति में होता है. भारतीय हमारे यहां बेच रहे हैं, उनके टैरिफ बहुत अधिक हैं और हमें बड़ा घाटा झेलना पड़ रहा है.”

हालांकि व्यापार विवाद अपनी जगह है, लेकिन दोनों देशों के बीच अन्य क्षेत्रों में संबंध मजबूत बने हुए हैं. रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और रणनीतिक संवाद लगातार आगे बढ़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के रिश्ते इतने गहरे हैं कि व्यापार विवाद उन्हें पूरी तरह प्रभावित नहीं कर पाएगा. कुल मिलाकर, अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते की राह आसान नहीं है, लेकिन उम्मीदें जिंदा हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2025 08:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).