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China Makes Nuclear Powered Artificial Sun: चीन ने 'कृत्रिम सूरज' बनाने का किया दावा, असली से है 10 गुना अधिक शक्तिशाली, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

चीन ने 'कृत्रिम सूरज' बनाने का किया दावा किया हैं. चीन के वैज्ञानिकों ने कहा है कि असली से है 10 गुना अधिक शक्तिशाली यह सूरज होगा

China Makes Nuclear Powered Artificial Sun: चीन ने 'कृत्रिम सूरज' बनाने का किया दावा, असली से है 10  गुना अधिक शक्तिशाली,  पढ़ें पूरी रिपोर्ट
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits Pixabay)

China Makes Nuclear Powered Artificial Sun: चीन तकनीक के मामले में दावा करता है कि वह अन्य देशों से कई गुना आगे हैं. उसने इस मामले में फिलहाल अमेरिका, रूस और जापान जैसे विकसित देशों को जरूर पछाड़ दिया है. चीन की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबक चीन ने कृत्रिम सूरज तैयार कर लिया है. वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किये गए ये नकली सूरज असली सूरज से दस गुना ज्यादा शक्तिशाली है. यानी ये नकली सूरज जो कि वास्तव में न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर है, उसमें असली सूरज से दस गुना ज्यादा रोशनी, गर्मी और ऊर्जा पैदा होगी. चीन की सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है.

चीनी मीडिया के अनुसार चीन ने इस प्रोजेक्ट पर  2006 से ही काम कर रहा था. चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन और साउथवेस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिक्स के वैज्ञानिक नकली सूरज बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे. करीब 14 साल बाद वैज्ञानिकों को इसके बारे में सफलता मिली हैं. कहा जा रहा है कि  नकली सूरज को बनाने का मकसद ज्यादा से ज्यादा सोलर एनर्जी पाना है. यह भी पढ़े: चीन में अब रोबोट करेगा चौकीदारी, सुनाएगा गाने और मजेदार कहानियां

.चीनी ने जिस कृत्रिम सूरज बनाने का दावा किया है उसका नाम HL-2M Tokamak दिया गया है. इस सूरज के जरिये ऐसे समय में ऊर्जा प्राप्त की जा सकेगी, जिस समय मौसम खराब होगी और सूरज की रोशनी नहीं मिलेगी. रिपोर्ट के अनुसार नकली सूरज बनाने के लिए चीन ने हाइड्रोजन गैस को पांच करोड़ डिग्री सेल्सियस के तापमान पर गर्म किया, फिर उस तापमान को 102 सेकंड तक स्थिर रखा गया. चीनी अखबार पीपल्स डेली की रिपोर्ट को अगर मानें तो कृत्रिम सूरज से दस गुना ज्यादा गर्मी मिलेगी.

वैज्ञानिकों के अनुसार न्यूक्लियर फ्यूजन एनर्जी का विकास न सिर्फ ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि भविष्य में चीन की ऊर्जा और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के सतत विकास के लिए इसका अहम योगदान रहेगा. उनकी कोशिश है कि डिवाइस का इस्तेमाल इंटरनैशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) के साथ किया जा सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 06, 2020 10:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).