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Samsung में मचा हडकंप, सहयोगी कंपनी ने ही बेची OLED डिस्प्ले की तकनीक, मुकदमा दर्ज

मशहूर इलेक्ट्रॉनिक कंपनी सैमसंग ने 11 लोगों पर अपनी डिस्प्ले फोल्डिंग टेक्नोलॉजी को चाइनीज मोबाइल कंपनियों को बेचने का आरोप लगाया है. ब्लुमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक सैमसंग के स्पलायर टॉपटेक के सीईओ और 8 अन्य कर्मचारियों ने 13.3 मिलियन डॉलर लेकर सैमसंग के मुड़ने वाली डिस्प्ले की तकनीक को चीन की एक कंपनी को बेचा है.

Samsung में मचा हडकंप, सहयोगी कंपनी ने ही बेची OLED डिस्प्ले की तकनीक, मुकदमा दर्ज
सैमसंग की OLED डिस्प्ले की तकनीक बिकी (Photo Credit- Twitter)

मशहूर इलेक्ट्रॉनिक कंपनी सैमसंग (Samsung) ने 11 लोगों पर अपनी डिस्प्ले फोल्डिंग टेक्नोलॉजी को चाइनीज मोबाइल कंपनियों को बेचने का आरोप लगाया है. ब्लुमबर्ग (Blumberg) की रिपोर्ट के मुताबिक सैमसंग के स्पलायर टॉपटेक (Toptech) के सीईओ और 8 अन्य कर्मचारियों ने 13.3 मिलियन डॉलर लेकर सैमसंग के मुड़ने वाली डिस्प्ले की तकनीक को चीन की एक कंपनी को बेचा है. ब्लुमबर्ग की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि तकनीक के साथ-साथ उसमें इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल की भी जानकारी लीक गई है.

इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सैमसंग का स्क्रैच भी टॉपटेक ने चाइनिज कंपनियों को बेच दिया है. मामले में हैरानी की बात यह है कि यह तकनीक लीक करने वाला कोई और नहीं, बल्कि सैमसंग के इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स तैयार करने वाली कंपनी टॉपटेक ही है. हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि तकनीक चोरी करने के लिए दोषी टॉपटेक है.

बता दें कि सैमसंग अपनी ओएलईडी डिस्प्ले का इस्तेमाल स्मार्टफोन, टेलीविजन और मॉनीटर्स में इस्तेमाल करती है. रिपोर्ट के सामने आने के बाद टॉपटेक के शेयर में 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. मामले में टॉपटेक का कहना है कि "हमारी कंपनी ने फोल्डेबल डिस्प्ले से जुड़ी किसी भी जानकारी को अपने चाइनीज क्लाइंट के साथ साझा नहीं किया है. साथ ही कंपनी ने कहा कि हम इस मामले में सैमसंग की मदद करेंगे और कानूनी कार्रवाई में उनका साथ देंगे. यह भी पढ़ें- ऐसे खरीदे दुनिया का सबसे सस्ता LCD TV, कीमत केवल 3,999 रुपये

बता दें कि इस मसले पर सैमसंग ने कोर्ट में इसकी शिकायत भी की है. इस तकनीक पर सैमसंग का कहना है कि फोल्डेबल डिस्प्ले तकनीक को तैयार करने में कंपनी ने करीब 150 मिलियन डॉलर का निवेश किया है और इसे तैयार करने में 6 साल का वक्त लगा है. अब ऐसे में अगर कोर्ट टॉपटेक को दोषी ठहरता है तो कंपनी के ऊपर भारी जुर्माना लग सकता है. इसके अलवा भी कंपनी को कई तरह के नुकसान झेलने पड़ सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 01, 2018 04:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).