Parminder Singh: परमिंदर सिंह को बड़ी जिम्मेदारी, रिलायंस-मेटा AI वेंचर REIL के CEO नियुक्त
Parminder Singh (Photo Credits: X/@parrysingh

मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज और मेटा प्लेटफॉर्म्स के बीच हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) साझा प्रयास ने एक बड़ा कदम उठाया है. दोनों कंपनियों के संयुक्त उद्यम, रिलायंस एंटरप्राइज इंटेलिजेंस लिमिटेड (REIL) ने परमिंदर सिंह को (Parminder Singh) अपना संस्थापक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की घोषणा की है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जो इस नए वेंचर को वैश्विक और घरेलू बाजार में मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है.

अनुभवी नेतृत्व के साथ नई शुरुआत

परमिंदर सिंह तकनीकी क्षेत्र का एक जाना-माना नाम हैं. उनके पास गूगल (Google), एप्पल (Apple), ट्विटर (Twitter) और आईबीएम (IBM) जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों में वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्य करने का तीन दशकों से अधिक का अनुभव है.

REIL में शामिल होने से पहले, उन्होंने 'क्लेबॉक्स एआई' (ClayboxAI) जैसे एआई-केंद्रित स्टार्टअप की सह-स्थापना की थी. उनकी विशेषज्ञता एशिया-पैसिफिक बाजारों में डिजिटल और तकनीक आधारित व्यवसायों को बड़े पैमाने पर खड़ा करने में रही है.

क्या है REIL और इसका उद्देश्य?

रिलायंस एंटरप्राइज इंटेलिजेंस लिमिटेड (REIL) रिलायंस की एआई शाखा और मेटा की सहायक कंपनी के बीच 70:30 के अनुपात वाला एक संयुक्त उद्यम है. इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • सॉवरेन एआई: इसका लक्ष्य भारतीय कंपनियों के लिए सुरक्षित और 'सॉवरेन' (संप्रभु) एआई समाधान तैयार करना है, जो स्थानीय डेटा नियमों के अनुरूप हों.

  • तकनीकी तालमेल: यह वेंचर मेटा की उन्नत एआई तकनीकों (जैसे लामा मॉडल्स) को रिलायंस के विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर और जियो (Jio) के नेटवर्क के साथ जोड़ता है.

  • स्केलेबल सॉल्यूशंस: कंपनी का फोकस उद्योगों के लिए ऐसे एआई टूल्स बनाना है जो उनके संचालन को अधिक कुशल बना सकें.

'जेनरेशनल अपॉर्चुनिटी' पर रिलायंस का दांव

रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने इस नियुक्ति पर कहा कि भारत में एंटरप्राइज एआई क्षमता का निर्माण करना एक "पीढ़ीगत अवसर" (generational opportunity) है. उन्होंने विश्वास जताया कि परमिंदर सिंह का वैश्विक अनुभव और भारतीय बाजार की समझ REIL को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी.

अपनी नई भूमिका पर परमिंदर सिंह ने कहा, "भारत में एंटरप्राइज एआई भविष्य की बात नहीं, बल्कि आज की जरूरत है. भारतीय व्यवसायों को एक ऐसे भरोसेमंद एआई पार्टनर की आवश्यकता है जो तकनीक और व्यवसाय दोनों को समझता हो."

855 करोड़ रुपये का निवेश

इस संयुक्त उद्यम की स्थापना साल 2025 में लगभग 855 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश के साथ की गई थी. यह साझेदारी भारत के तेजी से बढ़ते एआई बाजार पर कब्जा करने की रिलायंस की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. अनुमान है कि भारत का एंटरप्राइज एआई बाजार 2030 तक 10 अरब डॉलर के करीब पहुंच सकता है.

सिंह के नेतृत्व में, REIL अब अपने परिचालन के अगले चरण में प्रवेश करेगा, जिसमें उत्पाद विकास, नए पार्टनरशिप और विभिन्न क्षेत्रों में एआई को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.