नई दिल्ली, 5 जून: टेक दिग्गज गूगल (Google) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करते हुए एक बार फिर कर्मचारियों की छंटनी (Layoff) की है. इस नए दौर की छंटनी का मुख्य असर कंपनी के क्लाउड डिवीजन (Google Cloud) पर पड़ा है, जिसमें थ्रेट इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा इकाई 'मैंडिएंट' (Mandiant) से जुड़ी टीमें शामिल हैं. गूगल ने इस कार्यबल कटौती की आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा है कि यह कदम कंपनी को अधिक चुस्त-दुरुस्त (Agile) बनाने और अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करने के प्रयासों का हिस्सा है. हालांकि, प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की सटीक संख्या का खुलासा कंपनी द्वारा नहीं किया गया है. यह भी पढ़ें: Meta Layoff Email Full Text: मेटा में बड़ी छंटनी, सुबह 4 बजे ईमेल भेजकर 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, अब AI पर फोकस करेगी कंपनी
क्लाउड सुरक्षा और मैंडिएंट टीमें मुख्य रूप से प्रभावित
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पुनर्गठन (Restructuring) ने गूगल के क्लाउड बिजनेस में कार्यरत कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है. विशेष रूप से साल 2022 में गूगल द्वारा अधिग्रहित की गई प्रसिद्ध साइबर सुरक्षा फर्म 'मैंडिएंट' के कर्मियों पर इसकी गाज गिरी है. मैंडिएंट अब तक गूगल की थ्रेट डिटेक्शन (खतरे की पहचान), इंसीडेंट रिस्पॉन्स और इंटेलिजेंस सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी.
यह छंटनी गूगल के विभिन्न बिजनेस यूनिट्स में चल रहे व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी बदलते बाजार की मांगों और एआई (AI) के क्षेत्र में हो रही तीव्र प्रगति के अनुरूप खुद को ढालने का प्रयास कर रही है.
बिग टेक कंपनियों में एआई (AI) निवेश का बढ़ा क्रेज
गूगल का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बुनियादी ढांचे, डेटा सेंटर्स और नेक्स्ट-जनरेशन उत्पादों पर भारी मात्रा में पूंजी निवेश कर रही हैं. गूगल भी अपने सर्च इंजन, क्लाउड प्लेटफॉर्म और प्रोडक्टिविटी टूल्स में एआई को तेजी से एकीकृत (Integrate) कर रहा है.
हालांकि, कंपनी ने प्रत्यक्ष रूप से इन नौकरियों की कटौती को एआई को अपनाने से नहीं जोड़ा है, लेकिन बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियां अब अपने वित्तीय संसाधनों को पारंपरिक भूमिकाओं से हटाकर एआई-संचालित पहलों (AI-driven initiatives) की ओर स्थानांतरित कर रही हैं.
पूरी टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर जारी
नौकरियों में कटौती करने के मामले में केवल गूगल ही अकेली कंपनी नहीं है। पिछले कुछ महीनों में मेटा (Meta), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), कॉइनबेस (Coinbase), ब्लॉक (Block) और क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare) जैसी कई बड़ी टेक कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की संख्या (Headcount) को घटाया है.
इनमें से कई कंपनियों ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि एआई तकनीक के आने से कार्यबल की आवश्यकताएं बदल रही हैं, जबकि कुछ कंपनियों ने इसके पीछे परिचालन दक्षता में सुधार और बदलती व्यावसायिक प्राथमिकताओं का हवाला दिया है.
क्या एआई (AI) वाकई नौकरियां छीन रहा है?
चल रही छंटनी में एआई की भूमिका को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस छिड़ी हुई है. कुछ विश्लेषकों का तर्क है कि ऑटोमेशन (स्वचालन) के कारण दोहराव वाले कार्यों (Repetitive Tasks) से जुड़ी भूमिकाओं की आवश्यकता कम हो रही है. वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कई कंपनियां व्यापक लागत कटौती (Cost-cutting) और संगठनात्मक पुनर्गठन को सही ठहराने के लिए एआई को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं.
ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन भी पहले यह स्वीकार कर चुके हैं कि कुछ कंपनियां उन छंटनियों का श्रेय भी एआई को दे रही हैं, जिनकी जमीनी वजहें ऑटोमेशन से पूरी तरह असंबंधित हैं. टेक सेक्टर में आ रहे इस बड़े बदलाव के बीच अब पेशेवरों के लिए एआई-संबंधित कौशल (AI Skills) और अनुकूलनशीलता (Adaptability) का महत्व काफी बढ़ गया है.













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