Virat Kohli's WhatsApp Numbers Leaked? छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बिल्कुल आम लड़का मनीष बीसी ने 28 जून को Reliance Jio की नई सिम खरीदी, और इसके बाद उसकी ज़िंदगी में ऐसा वाकया हुआ जो शायद सपने में भी न सोचा हो. सामान्य रूप से सिम एक्टिवेट होते ही वह और दोस्त व्हाट्सएप पर गये तो वहां DP पर IPL 2025 विजेता कप्तान रजत पाटीदार की तस्वीर दिखी. पहले उन्हें लगा कि दुकान वाले ने मजाक किया है या सिम ही गलत है, मगर जब असली क्रिकेटर विराट कोहली और एबी डीविलियर्स जैसे खिलाड़ियों के कॉल आने लगे, तो स्तब्ध रह गए. ये दिग्गज असल में रजत पाटीदार को संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे. क्या शाकाहारी होने के बावजूद शोरबा में अनुष्का शर्मा, विराट कोहली ने एनिवर्सरी डिनर में खाया 'सांप'? जानिए वायरल फेक न्यूज़ की सच्चाई
मनीष और उसके दोस्त खेमराज, जिन्होंने मज़ाक में खुद को "महेंद्र सिंह धोनी" बताया, असल में रजत पाटीदार का पुराना नंबर इस्तेमाल कर बैठे थे, जिसे 90 दिन तक निष्क्रिय रहने के बाद Jio ने बंद कर दोबारा बेच दिया था. मामला बढ़ने पर खुद रजत पाटीदार ने कॉल कर कहा, "भाई, मैं रजत पाटीदार हूं, ये नंबर मेरा है, प्लीज लौटा दो." लड़कों ने फिर भी मजाक समझा, लेकिन जैसे ही पाटीदार ने पुलिस भेजने की धमकी दी, हकीकत सामने आ गई.10 मिनट में पुलिस पहुंच गई और लड़कों ने सिम सौंप दी. विराट के फैन खेमराज ने मुस्कान के साथ कहा, "गलत नंबर की वजह से मुझे विराट कोहली से बात करने का मौका मिला, अब मेरा सपना पूरा हो गया."
जिम्मेदार कौन है—Jio या लड़के?
साइबर क्राइम के दौर में मोबाइल नंबर और डेटा सुरक्षा बहुत अहम है. इस मामले में लड़कों के साथ गलती बताना ठीक नहीं, क्योंकि वे सामान्य ग्राहक थे और क्रिकेटरों के नंबर हाथ लगना केवल 'किस्मत' थी. असल जिम्मेदारी Reliance Jio की बनती है, जिसे नंबर का डाटा पूरी तरह डिलीट कर नया उपयोगकर्ता देने से पहले निजी जानकारी खत्म करनी चाहिए थी. पुराने नंबर पर लोकप्रिय क्रिकेटर्स के व्हाट्सएप नंबर दिखने से उनकी सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता था. ऐसी लापरवाही से आम लोगों के साथ-साथ बड़े सेलिब्रिटी भी असुरक्षित हो जाते हैं. यह घटना बताती है कि टेलिकॉम कंपनियों को नंबर रीसायकल करने की प्रक्रिया में अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए और ग्राहकों का डाटा प्राइवेसी पहला लक्ष्य होना चाहिए.













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