VIDEO: 'मेरे पास अच्छे कपड़े नहीं थे, इसलिए लोग मुझे शादियों में नहीं बुलाते थे', वर्ल्ड कप स्टार मरूफा अख्तर की दर्दभरी कहानी
बांग्लादेश की तेज गेंदबाज मरूफा अख्तर ने अपने पहले वर्ल्ड कप मैच में शानदार प्रदर्शन कर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब जीता. उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद कर बताया कि कैसे गरीबी के कारण लोग उन्हें अच्छे कपड़े न होने की वजह से शादियों में नहीं बुलाते थे. आज वह अपने खेल के दम पर एक स्टार हैं और अपने परिवार का सहारा बनकर गर्व महसूस करती हैं.
बांग्लादेश की तेज गेंदबाज मरूफा अख्तर के लिए महिला वर्ल्ड कप की शुरुआत किसी सपने के सच होने जैसी थी. अपना पहला वर्ल्ड कप मैच खेलते हुए, 20 साल की मरूफा ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की. उन्होंने सिर्फ 31 रन देकर 2 अहम विकेट लिए, जिससे पाकिस्तान की टीम सिर्फ 129 रन ही बना सकी. बांग्लादेश ने यह मैच आसानी से 7 विकेट से जीत लिया और मरूफा को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया.
गेंद को स्विंग कराने की अपनी बेहतरीन कला की वजह से मरूफा रातों-रात स्टार बन गई हैं. कई बड़े क्रिकेट एक्सपर्ट्स उन्हें महिला क्रिकेट में उपमहाद्वीप की सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाज मान रहे हैं. बांग्लादेश के नीलिफामारी से आने वाली मरूफा को आज पूरी दुनिया में पहचान मिल रही है, लेकिन उनका सफर बहुत मुश्किलों भरा रहा है.
जब छलका दर्द
एक इंटरव्यू में अपने पुराने दिनों को याद करते हुए मरूफा भावुक हो गईं. उन्होंने बताया कि उनका परिवार बहुत गरीब था और उन्हें किस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
मरूफा ने रोते हुए कहा, "लोग हमें शादियों जैसे कार्यक्रमों में नहीं बुलाते थे, क्योंकि हमारे पास अच्छे कपड़े नहीं होते थे. वो कहते थे कि अगर हम वहां गए, तो हमारी इज्जत चली जाएगी. एक समय ऐसा भी था जब हम ईद के लिए नए कपड़े भी नहीं खरीद सकते थे."
उन्होंने आगे बताया, "मेरे पिता एक किसान हैं. हमारे पास ज्यादा पैसे नहीं थे और जिस गांव में मैं पली-बढ़ी, वहां के लोग भी ज्यादा साथ नहीं देते थे."
Every player has a story!
Cricket, like life, doesn’t just make champions. It makes believers — those who never stopped chasing, even when the pitch of life turned rough.
Good Luck to Marufa Akter! Hope the game will take of her.pic.twitter.com/OVv7yYH9G8
— Rehan Mazhar (@rehanch04) October 14, 2025
आज परिवार का सहारा हैं मरूफा
लेकिन आज मरूफा एक गौरवान्वित बेटी हैं जो अपने परिवार का पूरा खर्च उठाती हैं.
वह कहती हैं, "आज हम जिस मुकाम पर हैं, शायद दूसरे वहां नहीं हैं. मैं जिस तरह अपने परिवार को सपोर्ट करती हूं, शायद बहुत से लड़के भी नहीं कर पाते होंगे. इससे मुझे एक अलग तरह का सुकून मिलता है. बचपन में मैं सोचती थी कि कब लोग हमें सम्मान से देखेंगे और हमारे लिए तालियां बजाएंगे. अब जब मैं खुद को टीवी पर देखती हूं, तो मुझे शर्म आती है (हंसते हुए)."
मरूफा की कहानी दिखाती है कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी मुश्किल आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2025 08:13 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

