2011 में आज ही के दिन धोनी की टीम ने रचा था इतिहास, जीता था वर्ल्ड कप, युवराज सिंह बने थे हीरो
भारतीय टीम के लिए इस वर्ल्ड कप के असली हीरो थे युवराज सिंह. युवी ने 9 मैचों में 90.50 के औसत से 362 रन बनाए थे. गेंदबाजी में भी उन्होंने कमाल किया था. उन्होंने इस टूर्नामेंट में 15 विकेट लिए थे. युवराज को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था.
2 अप्रैल 2011 ये दिन भारतीय टीम के फैन्स के लिए आज भी ताज है. इसी दिन टीम 28 साल बाद भारतीय टीम एक बार फिर वर्ल्ड चैम्पियन बनी थी. मुंबई में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराया था. इस जीत के बाद क्या आम-क्या ख़ास सभी सड़कों पर उतर आए थे और जीत का जश्न मनाया था. भारतीय टीम ने क्वाटर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था और सेमी-फाइनल में पाकिस्तान को धूल चटाई थी.
बात करें फाइनल की तो इस मैच के हीरो कप्तान धोनी और गौतम गंभीर थे. गंभीर ने 97 तो वहीं धोनी ने 91 रन बनाए थे. गेंदबाजी में जहीर खान और युवराज सिंह ने 2-2 विकेट झटके थे. इस मैच में कप्तान कुल धोनी का वह छक्का शायद ही कोई क्रिकेट प्रेमी भूल पाए. तब भारत को जीत के लिए 11 गेंदों पर 4 रन चाहिए थे, तब धोनी ने सिक्स लगाकार कप को भारत के नाम कर दिया था.
That bat swing - That look during the final flourish 😍😍
Today in 2011, the 28-year old wait came to an end 😎😎 #ThisDayThatYear pic.twitter.com/XFEibKDrdk
— BCCI (@BCCI) April 2, 2019
भारतीय टीम के लिए इस वर्ल्ड कप के असली हीरो थे युवराज सिंह. युवी ने 9 मैचों में 90.50 के औसत से 362 रन बनाए थे. गेंदबाजी में भी उन्होंने कमाल किया था. उन्होंने इस टूर्नामेंट में 15 विकेट लिए थे. युवराज को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था.
मैच जीतने के बाद टीम इंडिया ने के साथ पूरे देश ने जश्न मनाया था. टीम ने मास्टर ब्लास्टर को कंधे पर बिठाकर स्टेडियम का चक्कर लगाया. सभी खिलाडियों के आंखों में खुशी के आंसू थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2019 01:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

