हाल ही में राजस्थान हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी पर शोध थीसिस में साहित्यिक चोरी का आरोप लगाने वाली याचिका दायर करने के लिए फटकार लगाई. राजस्थान आई कोर्ट के न्यायमूर्ति अनूप कुमार ढांड की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय का इस्तेमाल पक्षों के बीच व्यक्तिगत दुश्मनी निपटाने के लिए नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने टिप्पणी की, "इस न्यायालय के मंच का दुरुपयोग इस तरह की रिट याचिका दायर करके नहीं किया जा सकता और यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है." मामले के विवरण के अनुसार, 2023 में याचिकाकर्ता-पति ने राजस्थान विश्वविद्यालय में अपनी पत्नी के शोध की साहित्यिक चोरी के लिए जांच की मांग करते हुए शिकायत की थी. यह भी पढ़ें: Uber के खिलाफ कोर्ट पहुंची RCB, विज्ञापन में मजाक उड़ाने पर मचा बवाल, जानें पूरी डिटेल
विश्वविद्यालय ने तब आरोप की जांच के लिए एक समिति गठित की थी, हालांकि, याचिकाकर्ता ने कहा कि कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसके बाद, उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया. राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा कि शिकायत करने के बाद याचिकाकर्ता का काम खत्म हो गया था। इसने आगे कहा कि विश्वविद्यालय ने आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित की है और उनसे कानून के अनुसार आगे बढ़ने की उम्मीद है.
'कोर्ट का इस्तेमाल पार्टियों के बीच निजी झगड़े निपटाने के लिए नहीं किया जा सकता'-
Rajasthan High Court pulls up husband for plea accusing wife of plagiarism in researchhttps://t.co/utNDVlnYlt
— Bar and Bench (@barandbench) May 12, 2025
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