Children Not Property Of Parents: वैवाहिक विवादों में बच्चों के साथ अपनी प्रॉपर्टी की तरह न करें व्यवहार- बॉम्बे हाई कोर्ट
बॉम्बे हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद के एक मामले में सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है. जस्टिस आर. डी. धानुका और जस्टिस गौरी गोडसे की बेंच ने कहा, ‘‘इस तरह के विवाद हमारे देश में 'सबसे कड़वी लड़ाई वाले मुक़दमे हैं.' बेंच ने यह भी कहा कि एक बच्चे पर माता-पिता के अधिकारों से अधिक महत्वपूर्ण उस बच्चे का कल्याण है
Children Not Property Of Parents: बॉम्बे हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद के एक मामले में सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है. जस्टिस आर. डी. धानुका और जस्टिस गौरी गोडसे की बेंच ने कहा, ‘‘इस तरह के विवाद हमारे देश में 'सबसे कड़वी लड़ाई वाले मुक़दमे हैं.' बेंच ने यह भी कहा कि एक बच्चे पर माता-पिता के अधिकारों से अधिक महत्वपूर्ण उस बच्चे का कल्याण है. ऐसे में "बच्चों को गुलाम या संपत्ति के रूप में नहीं माना जा सकता है, जहां माता-पिता का अपने बच्चों के भाग्य और जीवन पर पूर्ण अधिकार हो. बच्चे का कल्याण सर्वोपरि है, न कि माता-पिता के कानूनी अधिकार.’’
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