लेकिन बाद में पता चला कि संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष मुझे बनाया गया तो सीधे तौर पर एक झुंझुना मेरे हाथ में थमाया गया है। मैं अध्यक्ष बन गया पर सदस्यों को भी मनोनीत नहीं कर सकता, इसका क्या अर्थ है? मुझसे कभी कोई सुझाव नहीं मांगा गया: उपेंद्र कुशवाहा, JDU, पटना, बिहार pic.twitter.com/Qx82biXQRI— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 31, 2023
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