Video: सड़क हादसे में मर चुके हाथी के बच्चे को मिली नई जिंदगी, थाई बचावकर्मी ने CPR देकर मौत के मुंह से निकाला
एक थाई बचावकर्मी द्वारा एक हाथी के बच्चे की जान बचाने वाला वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक थाई बचाव कर्मी हाथी के बच्चे को सीपीआर देता हुआ दिखाई दे रहा है. इस शख्स की कोशिश रंग लाती है और आखिर में हाथी का बच्चा मौत के मुंह से वापस आ जाता है.
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एक थाई बचावकर्मी द्वारा एक हाथी के बच्चे की जान बचाने वाला वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक थाई बचाव कर्मी हाथी के बच्चे को सीपीआर देता हुआ दिखाई दे रहा है. इस शख्स की कोशिश रंग लाती है और आखिर में हाथी का बच्चा मौत के मुंह से वापस आ जाता है. वीडियो में दिखाई दे रहे शख्स का नाम मना (Mana) है और ये अनुभवी बचाव कर्मी हैं उन्होंने दर्जनों बचाव कार्य किए हैं. मना को 26 साल का रेस्क्यू अनुभव है. लेकिन पहली ऐसा पहली बार है जब उन्होंने हाथी के बच्चे को सीपीआर देकर जान बचाने की कोशिश की और ये कोशिश सफल हुई. मना का यह वीडियो आईएफएस प्रवीण कासवान (IFS Praveen Kaswan) ने शेयर किया है. प्रवीण कासवान सोशल मीडिया पर वन्य प्राणियों के प्रति अपने प्यार को शेयर करने के लिए मशहूर हैं.
रविवार की देर रात मना को तब बुलाया गया जब वे ड्यूटी के बाद रोड ट्रिप पर थे. उन्हें जानकारी मिली कि हाथी का बच्चा जब सड़क पार कर रहा था, इस दौरान एक मोटर सायकिल उसे टक्कर मारकर चली गई. मना ने तुरंत हाथी के बच्चे को पुनर्जीवित करने का कदम उठाया. यह भी पढ़ें: बिहार: कुत्ते ने मालिक के प्रति दिखाई वफादारी, जान बचाने के लिए सांप से जा भिड़ा
थाई रेस्क्यू वर्कर हाथी के बच्चे को मौत के मुंह से वापस ले आया:
Humanity exists. Watch how a Thai rescue worker successfully revived an elephant calf hit on a road pic.twitter.com/UsCDUun5nd
— Parveen Kaswan, IFS (@ParveenKaswan) December 21, 2020
मना ने रायटर को बताया: "यह जान बचाने के लिए मेरी वृत्ति है, लेकिन मैं पूरे समय चिंतित था क्योंकि मैं मां और अन्य हाथियों को बच्चे के लिए पुकार सुन रहा था," मना ने रॉयटर्स को फोन पर बताया. मैंने अंदाजा लगाया कि एक हाथी का दिल कहां स्थित होगा. मानव सिद्धांत और एक वीडियो क्लिप मैंने ऑनलाइन देखा, "उन्होंने कहा. जब हाथी के बच्चे ने चलना शुरू किया तो मुझे रोना आ गया.
सीपीआर देने के लगभग 10 मिनट बाद हाथी काबच्चा अपने पैरों पर चलने लगा. उसे इलाज के लिए दूसरे स्थान पर ले जाया गया. सीपीआर जानवरों की जान बचा सकता है! यदि आप अपने पालतू जानवर के चेस्ट को हिलते हुए नहीं देखते हैं और दिल की धड़कन नहीं चलती है तो यह महत्वपूर्ण है कि आप छाती के संकुचन के साथ उन्हें सीपीआर दें.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 22, 2020 10:16 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

