Viral Video: एक भावुक इंस्टाग्राम पोस्ट सोशल मीडिया (Social Media) पर छा गई है, जिसने एक ऐसे विषय पर प्रकाश डाला है जिसे अक्सर नजरअंदाज़ कर दिया जाता है और वो है पुरुषों द्वारा हर दिन लड़ी जाने वाली खामोशी भरी लड़ाइयां. कंटेंट क्रिएटर तिलक दुबे द्वारा शेयर किया गया एक वीडियो तेजी से लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है, जिसमें एक शख्स मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन (Borivali Railway Station) पर चुपचाप रोता हुआ दिखाई दे रहा है. वायरल हो रहे इस वीडियो को देखकर अधिकांश लोग यही कह रहे हैं कि मर्द भी रोते हैं, लेकिन चुपचाप. वायरल पोस्ट में, दुबे ने अपनी ट्रेन छूटने के बाद मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर इंतजार करने जिक्र किया. लगभग खाली पड़े प्लेटफॉर्म पर सन्नाटा देखते हुए, उन्होंने पास में बैठे एक और आदमी को देखा, जिसके कंधे झुके हुए थे, सिर नीचे था और आंखों में आंसू थे.
वह आदमी जोर-जोर से नहीं रो रहा था; बल्कि, वह उस दर्द का अनुभव कर रहा था जो खामोशी में छिपा होता है. दुबे ने धीरे से पास आकर पूछा कि सब ठीक तो है. अजनबी ने बस कुछ ही शब्दों में जवाब दिया, ‘बस याद आ गया... पूछने के लिए शुक्रिया.’ इसके बाद, वह फिर से खामोश हो गया, पटरियों को घूरता रहा मानो किसी ट्रेन का नहीं, किसी और चीज का इंतजार कर रहा हो. यह भी पढ़ें: Viral Video: तेलंगाना पॉलिटेक्निक हॉस्टल में चावल के बर्तन में पैर डालकर सोता दिखा नशे में धुत्त चौकीदार
बोरीवली स्टेशन में रोते हुए शख्स का वीडियो वायरल
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दुबे के कैप्शन ने उस पल को खूबसूरती से कैद किया, जो यह याद दिलाता है कि पुरुष अक्सर अपनी भावनाओं को दबा देते हैं, इस डर से कि कहीं उनकी कमजोरी की वजह से उनकी आलोचना न हो जाए. उन्होंने लिखा कि कभी-कभी चुप्पी ही दर्द की एकमात्र भाषा बन जाती है.
उनकी कहानी एक दिली ख्वाहिश के साथ खत्म होती है कि उस आदमी को फिर से शांति, आराम और खुशी मिले. इस पोस्ट को हजारों लाइक और कमेंट्स मिले हैं. कई यूजर्स ने दुबे की करुणा और एक अजनबी के दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय उसे स्वीकार करने के उनके तरीके की तारीफ़ की. एक यूजर ने इस बात पर जोर दिया कि आज ऐसी संवेदनशीलता कितनी दुर्लभ है, उन्होंने कहा, ‘पुरुषों में भी भावनाएं होती हैं. समाज को उन्हें इसे व्यक्त करने की इजाजत देनी चाहिए.’












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