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VIDEO: पुतिन के ऊपर से दहाड़ते हुए गुजरा अमेरिका का सबसे घातक विमान, ट्रंप ने दिखाई B-2 बॉम्बर की ताकत

अलास्का में राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन की मुलाकात के दौरान, अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत का एक बड़ा प्रदर्शन किया. इस दौरान एक B-2 स्टील्थ बॉम्बर लड़ाकू विमानों के साथ दोनों नेताओं के ठीक सिर के ऊपर से उड़ाया गया. इस घटना को यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में रूस को अमेरिका की ओर से दिया गया एक कड़ा संदेश माना जा रहा है.

VIDEO: पुतिन के ऊपर से दहाड़ते हुए गुजरा अमेरिका का सबसे घातक विमान, ट्रंप ने दिखाई B-2 बॉम्बर की ताकत
(Photo : X)

शुक्रवार को अलास्का में एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे अमेरिका की तरफ से रूस को एक सीधा संदेश माना जा रहा है. जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक बेहद अहम मीटिंग के लिए मिल रहे थे, तभी उनके ठीक ऊपर से अमेरिका का सबसे खतरनाक B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर लड़ाकू विमानों के साथ गरजता हुआ निकला.

यह घटना उस वक्त हुई जब दोनों नेता ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में रेड कार्पेट पर चल रहे थे. एक वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि जैसे ही विमान ऊपर से गुजरा, राष्ट्रपति पुतिन ने ऊपर की ओर देखा. यह मीटिंग यूक्रेन युद्ध जैसे गंभीर मुद्दे पर हो रही थी, और ऐसे में इस तरह से बॉम्बर का उड़ना अमेरिका की सैन्य शक्ति का खुला प्रदर्शन माना जा रहा है.

क्या है B-2 बॉम्बर की खासियत?

B-2 स्पिरिट को दुनिया का सबसे खतरनाक और महंगा फौजी विमान माना जाता है. आइए इसकी कुछ खासियतों के बारे में जानते हैं:

  • कीमत: एक B-2 बॉम्बर की कीमत लगभग $2.1 बिलियन (करीब 17,500 करोड़ रुपये) है, जो इसे अब तक का सबसे महंगा विमान बनाती है.
  • स्टील्थ टेक्नोलॉजी: इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी 'स्टील्थ' तकनीक है. यह विमान खास मटीरियल और डिज़ाइन से बना है, जिसकी वजह से यह दुश्मन के रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आता. कहा जाता है कि रडार पर यह एक छोटी चिड़िया जितना ही दिखाई देता है.

  • लंबी दूरी तक मारक क्षमता: यह विमान एक बार में बिना तेल भरे 11,000 किलोमीटर से ज़्यादा उड़ सकता है. हवा में ही तेल भरने की सुविधा के साथ यह दुनिया के किसी भी कोने में हमला कर सकता है.
  • खतरनाक हथियार: यह बॉम्बर 18,000 किलोग्राम से ज़्यादा वज़न के हथियार ले जा सकता है. इसमें पारंपरिक बमों के साथ-साथ 16 परमाणु बम ले जाने की भी क्षमता है. यह 'बंकर बस्टर' बम भी गिरा सकता है, जो ज़मीन के अंदर बने मज़बूत बंकरों को भी तबाह कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इसी साल जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर ऐसे ही बमों का इस्तेमाल किया गया था.
  • उत्पादन: इस विमान का उत्पादन 1980 के दशक के अंत में शुरू हुआ था, लेकिन सोवियत संघ के टूटने के बाद इसे रोक दिया गया. कुल मिलाकर ऐसे सिर्फ 21 विमान ही बनाए गए.

मीटिंग का क्या नतीजा निकला?

तीन घंटे चली इस मीटिंग के बाद कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि "जब तक कोई डील नहीं होती, तब तक कोई डील नहीं है". वहीं, राष्ट्रपति पुतिन ने बातचीत को "गहन और उपयोगी" बताया. पुतिन ने यह भी कहा कि रूस ईमानदारी से यूक्रेन में युद्ध खत्म करना चाहता है, लेकिन उसकी कुछ "जायज़ चिंताओं" को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए.

कुल मिलाकर, अलास्का में हुई यह मुलाकात विमान की गरज के नीचे शुरू हुई और बिना किसी ठोस समाधान के खत्म हो गई. लेकिन अमेरिका ने यह साफ कर दिया कि बातचीत की मेज़ पर भी वह अपनी सैन्य ताकत दिखाने से पीछे नहीं हटेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 16, 2025 08:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).