ठाणे के मुंब्रा में एक विवादित घटना सामने आई, जब मराठी बोलने को लेकर फल विक्रेता से हुए विवाद के बाद मराठी युवक विशाल को माफ़ी मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा. विवाद तब शुरू हुआ जब विशाल, जिसे उसकी मां ने फल खरीदने के लिए भेजा था, ने विक्रेता से मराठी में बात करने को कहा. विक्रेता ने मना कर दिया और हिंदी में बात करने पर जोर दिया, जो स्थानीय लोगों और अन्य विक्रेताओं के बीच टकराव में बदल गया. विशाल को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया और शांति भंग करने के लिए एक गैर-संज्ञेय अपराध दर्ज किया गया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया. उसकी मां ने खुलासा किया कि उसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं और उसने नरमी बरतने की गुहार लगाई. पुलिस स्टेशन में विरोध प्रदर्शन कर रहे लगभग 20 लोगों पर हंगामा करने का मामला दर्ज किया गया. वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए, मनसे ठाणे प्रमुख अविनाश जाधव ने घटना की आलोचना करते हुए सवाल किया, “क्या अब महाराष्ट्र में मराठी बोलना अपराध है? यह भी पढ़ें: 6 साल का इंतजार, 28 दोषी करार, क्या है चंदन गुप्ता केस? जिस पर एनआईए स्पेशल कोर्ट सुनाएगी सजा
ठाणे में मराठी बोलने पर विवाद:
आता मराठीचा आग्रह धरल्यामुळे शिवीगाळ होणार, तुमच्यावर गुन्हे दाखल होणार. मराठीच्या आग्रहासाठी माफी मागावी लागत असेल तर प्रत्येक मराठी माणसाला लाज वाटली पाह्यजे. शरमेची बाब आहे.
"मराठी मे नही बोलेंगे तू उर्दू मे बोल, महाराष्ट्र मे या फिर कही भी रहेंगे मराठी नही आती क्या… pic.twitter.com/9EPLmLZqIF
— Saurabh Koratkar (@saurabhkoratkar) January 3, 2025










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