Surat: रिजॉर्ट के स्विमिंग पूल में डूबने से युवक की मौत, CCTV में कैद हुआ दो मिनट का संघर्ष; पास तैर रहे लोग रहे अनजान

सूरत के ओलपाड स्थित एक रिजॉर्ट में 22 वर्षीय युवक की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई. सीसीटीवी फुटेज में युवक करीब दो मिनट तक मदद के लिए संघर्ष करता दिखा, लेकिन पास मौजूद लोग उसकी स्थिति को समझ नहीं पाए.

रिजॉर्ट के स्विमिंग पूल में डूबने से युवक की मौत (Photo Credits: X)

सूरत (Surat) जिले के ओलपाड तालुका (Olpad Taluka) स्थित एक रिजॉर्ट (Resort) में दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. एक 22 वर्षीय युवक स्विमिंग पूल (Swimming Pool) में डूब गया, जबकि उसके ठीक बगल में कई लोग तैर रहे थे. चौंकाने वाली बात यह है कि युवक लगभग दो मिनट तक पानी की सतह पर जीवन के लिए संघर्ष करता रहा और मदद के इशारे करता रहा, लेकिन आसपास मौजूद 25 से अधिक लोगों में से किसी ने भी उसकी पुकार पर ध्यान नहीं दिया.

यह घटना 23 मार्च को तालद गांव के पास स्थित 'अक्षय रिजॉर्ट एंड स्विमिंग पूल' (Akshay Resort and Swimming Pool) में हुई. मृतक की पहचान सूरत के पांडेसरा इलाके के रहने वाले पुरुषोत्तम अशोकभाई चौधरी के रूप में हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरुषोत्तम दोपहर करीब 2:50 बजे पूल में उतरा था.

पूल में गोता लगाने के कुछ ही समय बाद वह डूबने लगा. सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि वह हाथ-पैर मारकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन धीरे-धीरे उसकी ताकत जवाब दे गई. यह भी पढ़ें: Jharkhand: शादी की खुशियां मातम में बदलीं, रसगुल्ला गले में फंसने से व्यक्ति की दम घुटने के कारण मौत

सीसीटीवी फुटेज में दिखा दर्दनाक मंजर

29 मार्च को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि जिस समय पुरुषोत्तम संघर्ष कर रहा था, उस समय पूल में काफी भीड़ थी. अन्य लोग उसके बिल्कुल करीब तैर रहे थे, लेकिन शायद वे इसे मस्ती समझ बैठे या युवक की परेशानी को पहचान नहीं पाए. बेहोश होने के बाद जब उसे पूल से बाहर निकाला गया, तो उसे 108 एम्बुलेंस के जरिए ओलपाड सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

रिजॉर्ट के स्विमिंग पूल में डूबने से युवक की मौत

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस घटना ने रिजॉर्ट प्रशासन द्वारा अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों और वहां लाइफगार्ड्स की मौजूदगी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इतने बड़े स्विमिंग पूल में निगरानी के लिए किसी पेशेवर सुपरवाइजर का न होना बड़ी लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है.

साथ ही, यह घटना सार्वजनिक स्थानों पर डूबने के संकेतों (Signs of Drowning) को पहचानने के प्रति जागरूकता की कमी को भी उजागर करती है. अक्सर डूबने वाला व्यक्ति चिल्लाने की स्थिति में नहीं होता और उसका संघर्ष पानी के अंदर ही सिमट कर रह जाता है.

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