Fact Check: यूट्यूब वीडियो में दावा, केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मानधन योजना के तहत सभी के खातों में प्रति माह दे रही है 3000 रुपए की नगद राशि, जानें फेक खबर की सच्चाई
कोरोना महामारी के बीच सोशल मीडिया (Social Media) पर आए दिन फेक खबरें वायरल हो रही हैं. जिन पर भरोषा कर पाना लोगों को मुश्किल होता है कि कैन सी खबरें सच है और कौन सी झूठ. कुछ इस तरह से YouTube पर वायरल एक वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मानधन योजना के तहत सभी के खातों में प्रति माह 3000 रुपए की नगद राशि दे रही है.
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बीच सोशल मीडिया (Social Media) पर आए दिन फेक खबरें वायरल हो रही हैं. जिन पर भरोषा कर पाना लोगों को मुश्किल होता है कि कैन सी खबरें सच है और कौन सी झूठ. अभी पिछले महीने सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हुई थी. जिसमें दावा किया गया था कि जिन लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है, उनके परिवार को मोदी सरकारी की तरफ से दो बीमा योजनाओं के जरिए 2 लाख रुपए मिलने वाले हैं. हालांकि बाद में इसकी सत्यता जब जांची गई तो मालूम पड़ा कि यह खबर फेक हैं. कुछ इसी तरह से YouTube पर वायरल एक वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मानधन योजना के तहत सभी के खातों में प्रति माह 3000 रुपए की नगद राशि दे रही है.
यूट्यूब वीडियो में किये जा रहे इस दावे के बाद जब पीआईबी (PIB) की तरफ से फैक्ट चके किया गया तो मालूम पड़ा कि केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री मानधन योजना (Pradhan Mantri Kisan Maandhan Yojana) नाम से कोई योजना ही नहीं शुरू की गई है. न ही किसी के खाते में खातों में प्रति माह 3000 रुपए की नगद राशि दी जा रही हैं. यह भी पढ़े: Coronavirus Fact Check: कोरोना वायरस की क्षमता हुई कम? WHO ने COVID-19 को लेकर किये गए इटालियन डॉक्टर के दावे को किया खारिज
ऐसे में आए दिन सोशल मीडिया पर इस तरह की ख़बरों से बचने के लिए कोशिश करें. इसकी सत्यता जब तक खुद ना जांच ले तब तक ना तो किसी को कुछ भी ना बताये. हालांकि सरकार और पुलिस विभाग की तरफ से इस तरह की खबरों को लेकर लगातर कार्रवाई करने के बात की जाती हैं. इसके बाद भी इस तरह की फेक खबरें वायरल हो रही हैं. जिनसे हमें और आपको बचने की जरूरत है.
Fact check
केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मानधन योजना के तहत सभी के खातों में प्रति माह 3000 रुपए की नगद राशि दे रही है.
यह खबर फेक हैं सरकार की तरफ से कोई इस तरह की योजना नहीं शुरू हुई हैं.