कूनो नेशनल पार्क में फिर गूंजी किलकारी, नामीबियाई चीता 'ज्वाला' ने दिया 5 शावकों को जन्म, संख्या बढ़कर 33 हुई (Watch Video)
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 'प्रोजेक्ट चीता' को एक और बड़ी सफलता मिली है. नामीबियाई चीता 'ज्वाला' ने 5 शावकों को जन्म दिया है, जिसके साथ ही भारत में जन्मे चीता शावकों की कुल संख्या 33 हो गई है और देश में चीतों का कुल आंकड़ा 53 तक पहुंच गया है.
श्योपुर: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) स्थित कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण की सुखद खबर सामने आई है. नामीबिया (Namibia) से लाई गई मादा चीता (Cheetah) 'ज्वाला' (Jwala) ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव (Union Environment Minister Bhupendra Yadav) ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए इसे 'प्रोजेक्ट चीता' के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है. ज्वाला, जो 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए पहले बैच का हिस्सा थी, उसने तीसरी बार मातृत्व का सुख प्राप्त किया है. यह भी पढ़ें: Selfie With Cheetah Jwala: एमपी के श्योपुर में एक व्यक्ति ने मादा चीता ज्वाला और उसके बच्चों के साथ ली सेल्फी, वीडियो वायरल
प्रोजेक्ट चीता के लिए बड़ी उपलब्धि
इन पांच नए शावकों के आगमन के साथ ही भारत में जन्मे चीता शावकों की संख्या अब 33 हो गई है. यह भारत की धरती पर चीतों की 10वीं सफल 'लिटर' (litter) है, जो वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है.
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि इस सफलता के पीछे पशु चिकित्सकों, वन अधिकारियों और फील्ड स्टाफ की कड़ी मेहनत और समर्पण है. इन नए शावकों के साथ, भारत में चीतों की कुल जनसंख्या अब 53 हो गई है.
नामीबियाई चीता ज्वाला ने कुनो नेशनल पार्क में पांच शावकों को जन्म दिया
कूनो में लगातार बढ़ रही चीतों की संख्या
यह उपलब्धि उस घटना के एक सप्ताह से भी कम समय बाद आई है, जब 28 फरवरी को बोत्सवाना से लाए गए 9 नए चीतों (छह मादा और तीन नर) को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया था. इसके अलावा, पिछले महीने ही एक अन्य मादा चीता 'गामिनी' ने भी चार शावकों को जन्म दिया था, जिससे पार्क में चीतों की आबादी में लगातार इजाफा हो रहा है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस पर प्रसन्नता व्यक्त की है. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है.उन्होंने इसे भारत के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता और 'प्रोजेक्ट चीता' की प्रभावशीलता का प्रमाण बताया.
अनुकूल वातावरण का परिणाम
कूनो नेशनल पार्क में चीतों का लगातार प्रजनन और उनकी बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि यहाँ का वातावरण इन वन्यजीवों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि शावकों का स्वस्थ होना इस परियोजना की स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत है. वन विभाग अब इन शावकों और उनकी माँ की सुरक्षा और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विशेष सुरक्षा दल तैनात कर रहा है.