क्या केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने की है 31 जुलाई तक घर से काम करने की घोषणा? फैक्ट चेक में जानिए वर्क फ्रॉम होम बढ़ाए जाने वाले खबर की सच्चाई
कोविड-19 महामारी का कहर भारत में चरम पर पहुंच गया है. कोरोना वायरस की चपेट में आने के मामले रोजाना तेजी से बढ़ रहे हैं. कोविड-19 के चलते देश में लॉकडाउन को 3 मई तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बढ़ाया गया है. लेकिन देश में कोरोना को लेकट जो हालात अभी हैं उससे ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि लॉकडाउन बढ़ने जा रहा है. दूसरी तरफ लॉकडाउन के दरम्यान कई गलत खबरें भी सोशल मीडिया पर लगातर वायरसल हुई हैं जिसकी सच्चाई की पुष्टि समय-समय पर पीआईबी की तरफ से होती रही है.
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नई दिल्ली. कोविड-19 (COVID-19) महामारी का कहर भारत में चरम पर पहुंच गया है. कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) की चपेट में आने के मामले रोजाना तेजी से बढ़ रहे हैं. कोविड-19 के चलते देश में लॉकडाउन को 3 मई तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बढ़ाया गया है. लेकिन देश में कोरोना को लेकट जो हालात अभी हैं उससे ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि लॉकडाउन बढ़ने जा रहा है. दूसरी तरफ लॉकडाउन के दरम्यान कई गलत खबरें भी सोशल मीडिया पर लगातर वायरल हुई हैं जिसकी सच्चाई की पुष्टि समय-समय पर पीआईबी (PIB) की तरफ से होती रही है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक खबर चर्चा का विषय बन गई जिसमें कहा गया कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Union Minister Ravishankar Prasad) ने 31 जुलाई घर से काम करने की घोषणा की है.
बता दें कि मंगलवार को रविशंकर प्रसाद के ऐलान को मीडिया के एक वर्ग ने गलत तरीके से रिपोर्ट किया है. जिसमे कहा गया कि उन्होंने आईटी सेक्टर के कर्मचारियों को 31 जुलाई तक घर से काम करने का आदेश दिया है. रविशंकर प्रसाद ने बाद में अपने बयान पर एक स्पष्टीकरण जारी किया है. केंद्रीय मंत्री की तरफ से सिर्फ घर से काम करने के नियमों में थोड़ी ढील दी गई है. यह भी पढ़े-Fact Check: आईसीएमआर ने 500 रुपए की कोरोना टेस्टिंग किट को 4,500 रुपए में खरीदा? जानिए हकीकत
गलत रिपोर्ट का नतीजा यह रहा कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री अश्वथ नारायण ने एक गलत ट्वीट कर डाला. उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया कि केंद्र सरकार ने आईटी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की अवधि 31 जुलाई तक बढ़ाई है. इसके बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वर्क फ्रॉम होम का विस्तार नहीं हुआ है.बल्कि आईटी मंत्रियों के साथ चर्चा के बाद नियम और शर्तों में इस छूट को 31 जुलाई तक बढ़ाया गया है.
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का ट्वीट-
Wish to clarify that it is not extension of #WFH.
In response to IT Industry’s request to facilitate WFH for OSPs, @DoT_India had relaxed terms & conditions for VPN till 30.4.20.
After discussions with IT Ministers this relaxation in terms & conditions is extended till 31.7.20 https://t.co/UwSH704xc5
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) April 28, 2020
कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने ट्वीट कर किया गलत दावा-
In view of #COVID19, Central Govt has asked IT professionals to work from home till July 31. Union Minister for IT & Telecom Shri @rsprasad informed the decision to all State IT Ministers during a video conference held to discuss problems of the sector due to lockdown. (1/10) pic.twitter.com/TR8dqy1cRG
— Office of Dr. Ashwathnarayan (@OfficeofAshwath) April 28, 2020
ज्ञात हो कि वर्क फ्रॉम होम को लेकर मार्च के अंतिम सप्ताह में मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में आवश्यकताओं को पहले 30 अप्रैल तक की छूट दी गई थी. लेकिन कोरोना को लेकर जो हालात हैं देश में उसे देखते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 31 जुलाई तक वर्क फ्रॉम होम से संबंधित कुछ मानदंडों में ढील को बढ़ाया है.
Fact check
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईटी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की अवधि 31 जुलाई तक बढ़ाई गई है.
गलत, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने साफ किया कि सिर्फ 31 जुलाई तक वर्क फ्रॉम होम से संबंधित कुछ मानदंडों में ढील दी गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2020 11:31 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

