मुंबई/अमरावती: अमरावती (Amravati) के हाई-प्रोफाइल सेक्स स्कैंडल (High-Profile Sex Scandal) के मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर (अयान शेख) (Ayan Ahmed Tanveer) की गिरफ्तारी के बाद अब इंटरनेट पर 'फेक डाउनलोड लिंक्स' (Fake Download Links) की बाढ़ आ गई है. लोग गूगल और सोशल मीडिया (Social Media) पर "Ayaan Shaikh Viral Video" जैसे शब्दों को सर्च कर रहे हैं, जिसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी मालवेयर फैला रहे हैं. पाठकों को चेतावनी दी जा रही है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, क्योंकि ये निजी डेटा चुराने के हथकंडे हो सकते हैं. यह भी पढ़ें: Amravati S*x Scandal: अमरावती यौन शोषण मामले में जांच के लिए 47 सदस्यीय SIT गठित, मुख्य आरोपी अयान अहमद समेत चार गिरफ्तार
जांच का दायरा बढ़ा, SIT कर रही है पूछताछ
19 वर्षीय आरोपी अयान अहमद को पुलिस ने अमरावती के परतवाड़ा से गिरफ्तार किया था. उस पर ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली का एक बड़ा गिरोह चलाने का आरोप है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. जांच में अब तक यह सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर 180 से अधिक पीड़ितों को निशाना बनाया, जिनमें अधिकांश नाबालिग हैं. पुलिस के पास आरोपी से जुड़े 350 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो होने की सूचना है।
वायरल वीडियो के नाम पर हो रही धोखाधड़ी
सोशल मीडिया और टेलीग्राम ग्रुप्स में "फुल लीक फोल्डर" या "अनकट वीडियो" के नाम से लिंक साझा किए जा रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इन लिंक्स पर क्लिक करने से निम्नलिखित खतरे हो सकते हैं:
- मालवेयर संक्रमण: फोन में ऐसे स्पाइवेयर डाउनलोड हो सकते हैं जो आपके कैमरे और कीबोर्ड का एक्सेस ले लेते हैं.
- डेटा चोरी: उम्र सत्यापन के नाम पर सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मांगी जा रही है, जिससे अकाउंट हैक हो सकते हैं.
- वित्तीय धोखाधड़ी: ये लिंक लोगों को संदिग्ध बेटिंग साइट्स या फर्जी सब्सक्रिप्शन पोर्टल पर ले जाते हैं. यह भी पढ़ें: Amravati S*x Scandal: मुख्य आरोपी मोहम्मद अयाज के घर पर चला बुलडोजर, अवैध निर्माण को प्रशासन ने किया जमींदोज
आरोपी के घर पर चला बुलडोजर
15 अप्रैल, 2026 को प्रशासन ने परतवाड़ा में आरोपी अयान अहमद के निवास पर अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई की. भारी पुलिस सुरक्षा के बीच आरोपी के घर के अवैध हिस्सों को ढहा दिया गया. इस घटना के बाद परतवाड़ा और अचलपुर में भारी जन आक्रोश देखा गया और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कड़ी सजा की मांग करते हुए 'बंद' का आह्वान भी किया.
पुलिस की अपील: सामने आएं पीड़ित
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले के पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. SIT नेटवर्क की तह तक जाने के लिए जांच जारी रखे हुए है. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक कंटेंट को आगे शेयर न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक के झांसे में आएं.












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