Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडकी बहिन योजना' को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. वायरल खबरों में कहा जा रहा था कि आर्थिक बोझ के कारण सरकार इस योजना को बंद कर सकती है. इन अफवाहों ने राज्य की करोड़ों लाभार्थी महिलाओं की चिंता बढ़ा दी थी. हालांकि, अब राज्य के कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) के वरिष्ठ नेता हसन मुश्रीफ ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्टीकरण दिया है.
योजना बंद नहीं होगी: हसन मुश्रीफ
मंत्री हसन मुश्रीफ ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि लाडकी बहिन योजना को लेकर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि यह योजना भविष्य में भी जारी रहेगी. मुश्रीफ ने कहा, "महाराष्ट्र एक प्रगतिशील राज्य है और हम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं. हालांकि इस योजना के कारण विकास कार्यों के लिए उपलब्ध धनराशि पर कुछ दबाव पड़ा है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि योजना बंद कर दी जाएगी." यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana: सरकारी कर्मचारियों पर महाराष्ट्र सरकार की सख्ती, अपात्र लाभार्थियों से ₹11 करोड़ की वसूली, विभागीय कार्रवाई भी हो सकती हैं
वेतन में देरी और आर्थिक चुनौतियों
मंत्री ने उन दावों पर भी प्रतिक्रिया दी जिनमें कहा जा रहा था कि इस योजना के कारण सरकारी कर्मचारियों के वेतन में देरी हो रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जहां किसी विभाग के कर्मचारियों का वेतन लाडकी बहिन योजना की वजह से रुका हो. उन्होंने स्वीकार किया कि बड़ी धनराशि इस योजना में जाने के कारण अन्य विकास कार्यों के बजट में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन सरकार वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए काम कर रही है.
बजट और लाभार्थियों का विवरण
आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है. इसके लिए सरकारी खजाने से प्रति माह लगभग 3,700 करोड़ रुपये वितरित किए जाते हैं.
हाल ही में पेश किए गए वित्तीय आंकड़ों के अनुसार:
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वित्त वर्ष 2025-26: इस दौरान योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे.
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वित्त वर्ष 2026-27: आगामी बजट में इसके लिए 26,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
बजट आवंटन में आई इस कमी का मुख्य कारण सक्रिय खातों (Active Accounts) की संख्या में बदलाव और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया को माना जा रहा है.
महिलाओं के लिए राहत की खबर
मंत्री हसन मुश्रीफ के इस बयान के बाद उन महिलाओं ने राहत की सांस ली है जो इस योजना पर निर्भर हैं. सरकार का कहना है कि वे इस योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि पात्र महिलाओं तक बिना किसी बाधा के लाभ पहुंचता रहे. लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अनौपचारिक खबर पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें.













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