Fight in Mumbai Local: विरार-दहानू लोकल बनी कुश्ती का अखाड़ा, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मारपीट वीडियो
लोकल ट्रेन में मारपीट (Photo: X|@vani_mehrotra)

मुंबई, 1 अगस्त: मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में एक बार फिर अफरा-तफरी का दृश्य सामने आया है. सोमवार, 28 जुलाई को विरार-दहानू लोकल ट्रेन में दो यात्रियों के बीच हुई मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. यह घटना ट्रेन में चढ़ते वक्त हुई, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वैतरणा और सफाले स्टेशनों के बीच चलती ट्रेन में सवार होने की कोशिश के दौरान दो यात्रियों के बीच बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई. देखते ही देखते दोनों यात्री एक-दूसरे पर टूट पड़े और मारपीट शुरू हो गई. कुछ क्षणों में स्थिति कुश्ती जैसी हो गई. यह भी पढ़ें: Marathi vs Hindi Controversy: अब मुंबई की लोकल ट्रेन में पहुंचा भाषा विवाद, मराठी न बोलने को लेकर महिलाओं के बीच हुई गालीगलौज; VIDEO

इस झगड़े को रोकने की कोशिश कर रहे एक अन्य यात्री ने अचानक ही दोनों पक्षों को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई. उसकी इस अप्रत्याशित हरकत से डिब्बे में और भी अफरा-तफरी मच गई. अन्य यात्री भय और असहायता में स्थिति को शांत करने की कोशिश करते नजर आए.

मारपीट का वीडियो वायरल

वीडियो हुआ वायरल, सुरक्षाकर्मियों की गैरमौजूदगी उजागर

इस पूरी घटना का वीडियो अन्य यात्रियों ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि झगड़ा लंबा चला और डिब्बे में कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था. इसने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

रेलवे की चुप्पी, यात्रियों की सुरक्षा पर चिंता

घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद रेलवे प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. यह चुप्पी यात्रियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है. लोकल ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी अब एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है.

भीड़ प्रबंधन और अनुशासन लागू करने की जरूरत

यह घटना एक बार फिर इस सच्चाई को रेखांकित करती है कि मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ प्रबंधन की स्थिति चिंताजनक है. विशेष रूप से पिक ऑवर्स (व्यस्त समय) के दौरान, यात्रियों के अनुशासन और धैर्य का अभाव घातक साबित हो सकता है. रेलवे को न सिर्फ सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ानी होगी, बल्कि यात्रियों में जागरूकता और अनुशासन भी सुनिश्चित करना होगा.

क्या लोकल ट्रेन अब सुरक्षित है?

यह घटना न केवल चिंताजनक है, बल्कि चेतावनी भी है कि यदि जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं. यात्रियों की सुरक्षा अब केवल उनकी जिम्मेदारी नहीं रहनी चाहिए. यह रेलवे और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बननी चाहिए.