Fact Check: क्या केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के तहत कोरोना संक्रमित रोगियों की सूची वायरल करने पर होगी 3 महीने की जेल? PIB से जानें Whatsapp पर वायरल हो रही इस खबर की सच्चाई
देश में एक तरफ कोरोना वायरस महामारी का कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोविड-19 से पीड़ित मरीजों की संख्या 33 लाख के पार चली गई है. एक तरफ कोरोना की लड़ाई में पूरा देश एक साथ खड़ा है तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर लोगों को भ्रमित करने के लिए फर्जी खबरें रोजाना वायरल होती रहती है. इसी कड़ी में वॉट्सऐप पर एक खबर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है.
नई दिल्ली, 27 अगस्त. देश में एक तरफ कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) महामारी का कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोविड-19 (COVID-19) से पीड़ित मरीजों की संख्या 33 लाख के पार चली गई है. एक तरफ कोरोना की लड़ाई में पूरा देश एक साथ खड़ा है तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया (Social Media) पर लोगों को भ्रमित करने के लिए फर्जी खबरें रोजाना वायरल होती रहती है. इसी कड़ी में वॉट्सऐप (Whatsapp) पर एक खबर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है जिसके अनुसार कोरोना संक्रमित रोगियों (COVID-19 Patients) की सूची वायरल करने पर 3 माह की कैद होगी. हालांकि पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने वॉट्सऐप पर वायरल हो रहे मैसेज को फेक बताया है.
बता दें कि वॉट्सऐप पर वायरल हो रहे मैसेज में कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के तहत कोरोना पीड़ित मरीजों की सूची वायरल करने पर 3 महीने की जेल होगी. वायरल हो रहे मैसेज में एक अखबार की खबर का भी जिक्र है. जिसमें कहा जा रहा है कि सुचना विभाग कोरोना वायरस को लेकर मोदी सरकार ने गाइडलाइन जारी की है. साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किया गया है. यह भी पढ़ें-Fact Check: केंद्र सरकार हर कोविड-19 मरीज के लिए नगर निगमों को दे रही है 1.5 लाख रुपए? PIB से जानें इस वायरल खबर की सच्चाई
पीआईबी फैक्ट चेक का ट्वीट-
दावा: एक व्हाट्सएप मैसेज में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार कोरोना संक्रमित रोगियों की सूची वायरल करने पर 3 माह की कैद होगी.#PIBfactcheck: यह दावा फर्जी है, केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस से जुड़ी ऐसी कोई गाइडलाइंस जारी नहीं की है. pic.twitter.com/yoW25pH6cK
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 26, 2020
ज्ञात हो कि इससे पहले सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हुआ था जिसमें कहा जा रहा था कि केंद्र सरकार ने नगर निगमों को प्रति कोरोना रोगी के लिए 1.5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है, इसलिए आम जनता से अपील की जाती है कि वे सतर्क रहें, क्योंकि नागरिक निकाय और निजी डॉक्टर सामान्य बुखार, सुर्दी या खांसी वाले शख्स को भी कोरोना से संक्रमित बता रहे हैं.
Fact check
एक व्हाट्सएप मैसेज में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार कोरोना संक्रमित रोगियों की सूची वायरल करने पर 3 माह की कैद होगी.
यह दावा फर्जी है, केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस से जुड़ी ऐसी कोई गाइडलाइंस जारी नहीं की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2020 11:40 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

