Fact Check: क्या इटली का प्रेसिचे-अक्वारिका शहर बसने के लिए दे रहा है 30,000 यूरो? जानें वायरल वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि इटली का एक शहर वहां बसने और बच्चे पैदा करने के लिए 30,000 यूरो दे रहा है. फैक्ट चेक में यह दावा भ्रामक और पुराना पाया गया है.

फैक्ट चेक (Photo Credits: Instagram/ @italy.pro)

Mizmaxs Italy Real or Fake In Hindi: क्या इटली (Italy) का प्रेसिचे-अक्वारिका (Presicce-Acquarica) शहर वास्तव में वहां स्थानांतरित होने और परिवार शुरू करने के लिए 30,000 यूरो (लगभग 27 लाख रुपये से अधिक) की पेशकश कर रहा है? हाल ही में एक वायरल वीडियो (Viral Video) ने इंटरनेट पर खलबली मचा दी है, जिसमें दावा किया गया है कि गिरती जनसंख्या के कारण यह शहर प्रवासियों को नकद अनुदान, वीजा और अन्य सुविधाएं दे रहा है. हालांकि, जांच में यह दावा (Fact Check) पूरी तरह से भ्रामक और फर्जी पाया गया है. यह भी पढ़ें: Fact Check: इटली के इस टाउन में बसने और वहां बच्चे पैदा करने के लिए मिल रहे हैं 30,000 यूरो? जानें क्या है दावे का सच

क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस वीडियो में कहा गया है कि इटली सरकार बाहरी लोगों को वहां बसने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. वीडियो में 'Mizmaxs' नामक एक वेबसाइट पर पंजीकरण करने का निर्देश दिया गया है. दावे के अनुसार, जो कोई भी वहां जाकर रहेगा और बच्चे पैदा करेगा, उसे 30,000 यूरो दिए जाएंगे. कुछ पोस्ट्स में तो इसे '1 करोड़ रुपये' तक का अवसर बताया जा रहा है, जिससे लोग इस ओर आकर्षित हो रहे हैं.

फैक्ट चेक: दावों की हकीकत

तथ्यों की जांच (Fact Check) से पता चला है कि यह जानकारी न केवल पुरानी है, बल्कि इसमें कई गलत तथ्य भी जोड़े गए हैं:

वेबसाइट की सच्चाई

वीडियो में बताई गई वेबसाइट 'Mizmaxs' का इटली सरकार या प्रेसिचे-अक्वारिका की नगर पालिका से कोई लेना-देना नहीं है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ऐसी किसी भी योजना की जानकारी केवल सरकारी पोर्टल पर ही साझा की जाती है, न कि किसी निजी रैंडम वेबसाइट पर.

निष्कर्ष

प्रेसिचे-अक्वारिका इटली के पुगलिया (Puglia) क्षेत्र का एक बेहद खूबसूरत और ऐतिहासिक शहर है, जो अपनी वास्तुकला और जैतून के बागानों के लिए जाना जाता है. हालांकि, शहर ने अतीत में जनसंख्या बढ़ाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिए थे, लेकिन वर्तमान में चल रहे वायरल दावे पूरी तरह से फर्जी हैं. पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी किसी भी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें.

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