Fact Check: ईरान ने कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताया? जानें वायरल दावे की सच्चाई

नई दिल्ली. सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक कथित ईरानी न्यूज़ चैनल द्वारा कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताया गया है. इस पोस्ट के बाद भारत-ईरान संबंधों को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं. आइए जानते हैं कि इस वायरल दावे में कितनी सच्चाई है.

क्या है वायरल दावा?

वायरल पोस्ट में "डेली ईरान न्यूज़" (Daily Iran News) नाम के एक ट्विटर अकाउंट का पोस्ट दिखता है. इस पोस्ट में लिखा है, "ताइवान #चीन का हिस्सा है और कश्मीर #पाकिस्तान का हिस्सा है. क्या आप सहमत हैं?". इस टेक्स्ट के साथ ताइवान और कश्मीर के नक्शे भी दिखाए गए हैं.

भारत में ईरानी दूतावास ने इसका खंडन किया है. इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए "ईरान इन इंडिया" (Iran in Indiaने  जवाब देते हुए लिखा है, "ईरान के नाम पर कुछ फर्जी चैनल भारत-ईरान संबंधों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. यह अकाउंट ईरान का नहीं है."

हमारी पड़ताल में क्या निकला?

हमने इस दावे की सच्चाई जानने के लिए इसकी गहराई से पड़ताल की. हमारी जांच में यह दावा भ्रामक और गलत पाया गया.

जिस अकाउंट ने यह विवादित ट्वीट किया, उसका नाम "डेली ईरान न्यूज़" है. हालांकि, भारत में मौजूद ईरान के आधिकारिक दूतावास (Embassy of Iran) ने खुद इस अकाउंट को फर्जी बताया है.

ईरान के दूतावास का आधिकारिक ट्विटर हैंडल @Iran_in_India है. इसी हैंडल से यह स्पष्ट किया गया है कि "डेली ईरान न्यूज़" नाम का चैनल ईरान का प्रतिनिधित्व नहीं करता और इसका मकसद दोनों देशों के रिश्तों में खटास पैदा करना है. ईरान के आधिकारिक दूतावास का यह बयान ही इस दावे को खारिज करने के लिए काफी है.

कश्मीर पर ईरान का आधिकारिक रुख क्या है?

ईरान ने कश्मीर मुद्दे पर हमेशा से एक संतुलित रुख अपनाया है. ईरान, भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है. आधिकारिक तौर पर, ईरान ने कभी भी कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं माना है. ईरान हमेशा से इस विवाद को भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की वकालत करता रहा है.

हालांकि, ईरान समय-समय पर कश्मीर के लोगों के मानवाधिकारों को लेकर अपनी चिंता जताता रहा है, लेकिन उसने कभी भी भारत की संप्रभुता पर सवाल नहीं उठाया है.

हमारी पड़ताल से यह साफ है कि "डेली ईरान न्यूज़" नाम का अकाउंट ईरान का कोई आधिकारिक या सरकारी मीडिया चैनल नहीं है. ईरान के दूतावास ने खुद इसे एक "फर्जी चैनल" बताया है. इसलिए, इस अकाउंट द्वारा कश्मीर पर किया गया दावा ईरान का आधिकारिक रुख नहीं है और यह भारत-ईरान संबंधों को खराब करने की एक शरारतपूर्ण कोशिश लगती है.