Fact Check: क्या अरुण गोविल ने पीएम मोदी की विदेश यात्रा पर सवाल उठाए हैं? वायरल दावा निकला झूठा, जानें सच्चाई
KedarKansanaIND & MahurRohitash/X

Did Arun Govil Question PM Modi Foreign Visit: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि बीजेपी सांसद और मशहूर रामानंद सागर की रामायण में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्रा पर तीखा हमला बोला है. वीडियो के साथ शेयर किया गया कैप्शन कहता है कि 'संसद शुरू होते ही विदेश भाग जाते हैं मोदी, बीजेपी पर भड़के बीजेपी सांसद अरुण गोविल'. यह दावा कई फेसबुक और ट्विटर यूजर्स द्वारा शेयर किया गया है, जिसमें कहा जा रहा है कि खुद बीजेपी के अंदर से पीएम मोदी की आलोचना हो रही है.

अब सवाल उठता है कि क्या वाकई में अरुण गोविल ने ऐसा कुछ कहा है? तो जवाब है बिल्कुल भी नहीं. दरअसल, इस वीडियो को एडिटिंग के जरिए तोड़ मरोड़ कर भ्रम फैलाने के नियत से पेश किया जा रहा है.

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क्या वाकई में अरुण गोविल ने ऐसा कुछ कहा है?

ये रहा असली वीडियो

अरुण गोविल ने विपक्ष पर सवाल उठाया

वायरल वीडियो की जांच में समाचार एजेंसी ANI की माइक आईडी और लोगो दिखाई दिया, जिसकी मदद से सही वीडियो की पड़ताल की गई. असली वीडियो में अरुण गोविल ने विपक्ष के रवैये को आड़े हाथों लिया, न कि पीएम मोदी की विदेश यात्रा को.

उन्होंने कहा, 'यह विपक्ष का बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना रवैया है. संसद चलाने में जो देश का पैसा खर्च होता है, उसकी इन्हें कोई चिंता नहीं है. सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है, लेकिन ये लोग सिर्फ हंगामा करने आते हैं.'

वीडियो का एडिटेड वर्जन शेयर किया गया

यह बयान पूरी तरह विपक्ष के व्यवहार की आलोचना करता है, न कि प्रधानमंत्री की. लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो का एडिटेड वर्जन और आधे अधूरे शब्दों को काटकर शेयर किया गया, ताकि झूठा संदेश फैलाया जा सके कि गोविल ने पीएम मोदी पर सवाल उठाए हैं.

ऐसे मामलों में सबसे जरूरी है पूरे वीडियो को देखना और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेना. अधूरी बातों को वायरल कर देना ना सिर्फ भ्रम फैलाता है, बल्कि जनता को गुमराह भी करता है.

निष्कर्ष

अरुण गोविल ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा पर कोई सवाल नहीं उठाया. उनका बयान विपक्ष की कार्यशैली के खिलाफ था, लेकिन सोशल मीडिया पर उसे तोड़-मरोड़ कर झूठे दावे के साथ फैलाया गया.

इसलिए यह दावा पूरी तरह भ्रामक और फेक न्यूज़ की श्रेणी में आता है.