Ashok Kharat Video Download Link Scam: अशोक खरात वीडियो डाउनलोड लिंक स्कैम से रहें सावधान, डीपफेक के जरिए डेटा चोरी कर रहे हैं जालसाज
स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले की आड़ में साइबर अपराधी AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो और फर्जी डाउनलोड लिंक्स के जरिए लोगों का निजी डेटा चोरी कर रहे हैं.
Ashok Kharat Video Download Link Scam: स्वयंभू बाबा (Self-Styled Godman) अशोक खरात (Ashok Kharat) के खिलाफ चल रही जांच के बीच सोशल मीडिया (Social Media) पर एक नया खतरा सामने आया है. जालसाज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) (AI) द्वारा निर्मित 'डीपफेक' वीडियो ('Deepfake' Videos) का उपयोग कर लोगों को शिकार बना रहे हैं. इन वीडियो के साथ 'फुल वीडियो डाउनलोड' के लिंक (Full Video Download Link) दिए जा रहे हैं, जो असल में उपयोगकर्ताओं का निजी डेटा और बैंकिंग विवरण चुराने के लिए बनाए गए खतरनाक मैलवेयर हैं. यह भी पढ़ें: Viral Video Scandals: महाराष्ट्र और गोवा में 'वीडियो कांड' से सियासी भूचाल; झिरवाल, खरात और सोहम नायक मामलों ने हिलाया सार्वजनिक भरोसा
डीपफेक वीडियो और फेक लिंक्स का जाल
17 मार्च, 2026 को अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद से ही इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक क्लिप्स की बाढ़ आ गई है. साइबर अपराधी जनता की उत्सुकता का फायदा उठाने के लिए 'Part 16' या 'Uncensored Video' जैसे सनसनीखेज कैप्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, ये क्लिप्स अक्सर कम गुणवत्ता वाली होती हैं और इनमें AI तकनीक का इस्तेमाल कर चेहरों से छेड़छाड़ की गई है.
साइबर हमलों का बढ़ा खतरा
सुरक्षा विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इन संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने से उपयोगकर्ता कई तरह के साइबर हमलों का शिकार हो सकते हैं:
- फिशिंग अटैक: सोशल मीडिया या बैंकिंग ऐप्स के लॉगिन क्रेडेंशियल चोरी करना.
- मैलवेयर इंस्टालेशन: फोन या कंप्यूटर में जासूसी सॉफ्टवेयर (Spyware) डालना, जो कीबोर्ड एक्टिविटी और निजी संदेशों की निगरानी कर सके.
- पहचान की चोरी: 'आयु सत्यापन' (Age Verification) के बहाने आधार या पैन कार्ड जैसी व्यक्तिगत जानकारी हासिल करना.
अशोक खरात एआई-जनरेटेड वीडियो
सुरक्षा के लिए क्या करें?
साइबर विशेषज्ञों ने आम जनता को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- लिंक्स पर क्लिक न करें: "एक्सक्लूसिव" या "लीक" वीडियो का दावा करने वाले किसी भी अज्ञात लिंक से बचें.
- रिपोर्ट करें: यदि आप सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो या कमेंट्स देखते हैं, तो तुरंत प्लेटफॉर्म को रिपोर्ट करें.
- आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें: मामले से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों की खबरों पर ही विश्वास करें. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat and Rupali Chakankar Video Searches: न्याय से ज्यादा 'वीडियो' की तलाश; डिजिटल युग में सामाजिक विकृति और कानूनी खतरों पर एक विशेष रिपोर्ट
मामले की वर्तमान स्थिति
IPS अधिकारी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) वर्तमान में खरात के खिलाफ यौन उत्पीड़न, जबरन वसूली और काला जादू जैसे आरोपों में दर्ज आठ FIR की जांच कर रहा है. जांच में यह भी सामने आया है कि खरात कथित तौर पर रिमोट-कंट्रोल सांपों जैसे उपकरणों का उपयोग कर "चमत्कार" का ढोंग करता था.
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए काम कर रहे हैं ताकि पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखी जा सके.