नाशिक का 'ढोंगी बाबा' अशोक खरात: यौन शोषण के बाद अब 2022 के सुसाइड नोट में भी सामने आया नाम, फिर खुलेगी जांच
महिलाओं के यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद खुद को 'कैप्टन' बताने वाले ज्योतिषी अशोक खरात की मुश्किलें बढ़ गई हैं. साल 2022 के एक सुसाइड नोट में खरात का नाम होने के बावजूद उसे क्लीन चिट मिलने का मामला अब दोबारा खुलने जा रहा है.
- Read in
- English
मुंबई/नाशिक: नाशिक (Nashik) के स्वयंभू 'धर्मगुरु' और ज्योतिषी अशोक खरात (Ashok Kharat) के खिलाफ चल रही जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. कई महिलाओं के यौन शोषण (Sexual Exploitation) के आरोप में फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे बंद खरात का नाम अब साल 2022 के एक सुसाइड नोट (Suicide Note) से जुड़ा है. ताजा जानकारी के अनुसार, शिरडी में एक व्यक्ति की आत्महत्या के मामले में खरात का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर था, लेकिन कथित तौर पर राजनीतिक दबाव या अन्य कारणों से चार्जशीट से उसका नाम हटा दिया गया था। अब पुलिस इस पुराने मामले को फिर से खोलने की तैयारी कर रही है. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat Case: 150 से अधिक महिलाओं के शोषण का खुलासा, कांग्रेस ने लगाए 'वाइफ-स्वैपिंग' और राजनीतिक साठगांठ के गंभीर आरोप
2022 का सुसाइड नोट और गंभीर आरोप
विवाद की जड़ें साल 2022 में जाती हैं, जब 37 वर्षीय विकास रामदास दिवाटे ने शिरडी में आत्महत्या कर ली थी. मरने से पहले लिखे एक सुसाइड नोट में दिवाटे ने सीधे तौर पर अशोक खरात और अपने ससुराल वालों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था.
नोट में लिखा था, “मेरी मौत के लिए नाशिक का ‘कैप्टन’ खरात जिम्मेदार है। खरात ने मुझे फोन पर धमकियां दी थीं.” मृतक के भाई राजेंद्र दिवाटे का आरोप है कि फोन में रिकॉर्डिंग होने और स्पष्ट नाम होने के बावजूद, जांच के दौरान खरात का नाम चार्जशीट से हटा दिया गया और उसे क्लीन चिट दे दी गई थी.
यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो
अशोक खरात, जो पहले मर्चेंट नेवी में था और खुद को ‘कैप्टन’ कहता था, उसे 17 मार्च को एक महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था. महिला ने उस पर तीन साल तक यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया था.
जांच के दौरान पुलिस ने खरात के पास से 58 वीडियो बरामद किए हैं, जिनमें कई आपत्तिजनक क्लिप शामिल हैं. इन वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस को अंदेशा है कि पीड़ितों की संख्या और भी अधिक हो सकती है। प्रशासन ने अन्य संभावित पीड़ितों से भी आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है.
मामले का राजनीतिक प्रभाव
इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में भी हड़कंप मचा दिया है. अशोक खरात के साथ कथित संबंधों और तस्वीरें वायरल होने के बाद, रूपाली चाकणकर को अपने महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा देना पड़ा है. विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर हैं और जांच में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat 1000 Videos: खरात के दफ्तर से मिली पेन-ड्राइव में 1,000 वीडियो, अब तक केवल 150 ही आए सामने- वडेट्टीवार
दोबारा शुरू होगी सुसाइड केस की जांच
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि शिरडी के सुसाइड केस को फिर से खोला जा रहा है. जांच टीम इस बात की समीक्षा करेगी कि पिछली बार खरात का नाम चार्जशीट से क्यों और कैसे हटाया गया.
पुलिस अब खरात के मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स और पुराने बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि उसके इस 'धार्मिक साम्राज्य' की आड़ में चल रहे काले कारनामों का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके. फिलहाल, खरात की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2026 01:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

