Ganpati Visarjan In London: लंदन में दिखा गणपति विसर्जन का मनमोहक नजारा, हंसों ने बप्पा को कुछ इस तरह से दी विदाई (watch Video)
लंदन से गणेशोत्सव का एक बेहद दिल को छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया, जिसमें गणेश जी की मूर्ति को नदी में विसर्जित किया जा रहा था और हंस उसे घेरे हुए थे. कई लोगों ने इसे एक दिव्य दृश्य बताया, मानो प्रकृति स्वयं भगवान गणेश को आशीर्वाद दे रही हो और उन्हें विदाई दे रही हो.
Ganpati Visarjan In London: पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाने वाला गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का त्योहार अब एक वैश्विक परंपरा बन गया है. इस वर्ष, लंदन (London) में प्रवासी भारतीयों ने एक भव्य गणेश विसर्जन (Ganesh Visarjan) जुलूस देखा, जिसमें हजारों श्रद्धालु और दर्शक शामिल हुए. भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) की मूर्तियों को विसर्जन के लिए ले जाते समय शहर की सड़कें ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया’ के जयकारों से गूंज उठीं.
गणेश प्रतिमा विसर्जन के सातवें दिन, लंदन में कई घरों में स्थापित गणपति और गौरी की मूर्तियां विसर्जन के लिए निकाली गईं. पारंपरिक ढोल-ताशा की थाप पर नाचते भक्तों के साथ, माहौल बेहद उत्साहपूर्ण था. छोटी, मध्यम और बड़ी मूर्तियां विसर्जन स्थलों की ओर बढ़ रही थीं, जिससे लंदन की सड़कें मिनी मुंबई जैसे उत्सव में बदल गईं. पैदल यात्री और पर्यटक रुककर रंग-बिरंगे नजारों और उल्लासपूर्ण ऊर्जा को अपने फोन में कैद कर रहे थे, जिससे उत्सव का माहौल और भी बढ़ गया.
इस उत्सव का एक बेहद दिल को छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर छा गया, जिसमें गणेश जी की मूर्ति को नदी में विसर्जित किया जा रहा था और हंस उसे घेरे हुए थे. कई लोगों ने इसे एक दिव्य दृश्य बताया, मानो प्रकृति स्वयं भगवान गणेश को आशीर्वाद दे रही हो और उन्हें विदाई दे रही हो. यह भी पढ़ें: Ganeshotsav 2025: लंदन में भी हो रही है गणपति बप्पा की जय-जयकार, सड़कों पर दिखा गणेश विसर्जन का अद्भुत नजारा
लंदन में हंसों ने गणपति बप्पा को दी विदाई
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एक अन्य वीडियो में विसर्जन जुलूस के दौरान भक्तों को पारंपरिक गुजराती नृत्य, गरबा, करते हुए दिखाया गया, जिसने इस वैश्विक उत्सव में एक और सांस्कृतिक रंग भर दिया.
लंदन में दिखा गणेश विसर्जन का अद्भुत नजारा
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जहां कई लोगों ने विदेशों में इन समारोहों को एकता, समावेशिता और भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताते हुए उनकी सराहना की, वहीं कुछ नेटिजन्स ने मूर्तियों की पर्यावरण-अनुकूलता को लेकर चिंताएं जताईं. बातचीत में प्राकृतिक मिट्टी की मूर्तियों के उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विदेशों में भी अनुष्ठान पर्यावरण के प्रति सम्मानजनक बने रहें.
गौरतलब है कि 27 अगस्त 2025 से गणेशोत्सव की भव्य शुरुआत हुई थी, जिसका समापन 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ होग. इस दिन भक्त भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन करते हैं और उन्हें विदा करते हैं. लंदन में भी, प्रवासी समुदाय भव्यता और भक्ति के साथ अंतिम विदाई की तैयारी कर रहा है. संगीत और नृत्य से भरे जुलूसों से लेकर बप्पा का आशीर्वाद पाने की प्रार्थनाओं तक, यह उत्सव न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का, बल्कि सामुदायिक भावना का भी प्रतीक है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 05, 2025 11:11 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

