Lunar Eclipse Today Night: आज रात 8:58 बजे...पूरे भारत में लगेगा दुर्लभ पूर्ण चंद्रग्रहण, जानें लोग खाने में क्यों डालते हैं तुलसी के पत्ते?
ग्रहण से पहले भोजन और जल में तुलसी के पत्ते (Basil Leaves) डालने की परंपरा है. तुलसी को पवित्रता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. शास्त्रों में वर्णित है कि तुलसी नकारात्मक ऊर्जा को निष्क्रिय करती है और भोजन को सुरक्षित रखती है.
Chandra Grahan 2025: आज रात आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय नजारा (Rare Astronomical Sight) देखने को मिलेगा. भारत समेत एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कई हिस्सों में पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total lunar Eclipse) दिखाई देगा. भारत में यह रात 9:58 बजे शुरू होगा और 1:26 बजे समाप्त होगा. पूर्ण ग्रहण की अवधि लगभग 82 मिनट होगी, जबकि पूरी घटना 5 घंटे से ज्यादा समय तक चलेगी. चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और चंद्रमा पर अपनी छाया डालती है. यह घटना केवल पूर्णिमा की रात (Moon Night) को ही होती है. इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल दिखाई देने लगता है, जिसे "ब्लड मून (Blood Moon)" कहा जाता है.
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हिंदू परंपरा और ग्रहण का महत्व
भारतीय संस्कृति (Indian Culture) में ग्रहण को न केवल खगोलीय बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि ग्रहण काल में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बढ़ जाती है, जिससे भोजन और जल अशुद्ध हो जाते हैं. इसलिए लोग ग्रहण के दौरान खाना पकाने और खाने से परहेज करते हैं.
खाने में तुलसी के पत्ते क्यों रखे जाते हैं?
ग्रहण से पहले भोजन और जल में तुलसी के पत्ते (Basil Leaves) डालने की परंपरा है. तुलसी को पवित्रता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. शास्त्रों में वर्णित है कि तुलसी नकारात्मक ऊर्जा को निष्क्रिय करती है और भोजन को सुरक्षित रखती है. यही कारण है कि ग्रहण समाप्त होने के बाद भी तुलसी के पत्तों (Tulsi Ke Patte) के साथ भोजन करना खाने योग्य माना जाता है. तुलसी के पत्ते रखने की परंपरा इस मान्यता का हिस्सा है कि आस्था और प्रकृति मिलकर मनुष्य की रक्षा करते हैं.
ग्रहण के दौरान तुलसी को क्यों न छुएं?
यद्यपि तुलसी का उपयोग भोजन को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है, लेकिन ग्रहण के दौरान तुलसी को छूना, तोड़ना या उसकी पूजा करना अशुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस समय तुलसी निष्क्रिय हो जाती है. इसलिए लोग ग्रहण से पहले ही पत्ते तोड़कर सुरक्षित रख लेते हैं.
रविवार को पड़ रहा ग्रहण और मान्यता
इस वर्ष का चंद्रग्रहण इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह रविवार को पड़ रहा है. परंपरा के अनुसार, रविवार को तुलसी को छूना या उसकी पूजा करना भी वर्जित है. इसलिए, पुरोहित सलाह देते हैं कि तुलसी के पत्ते एक दिन पहले यानी शनिवार को तोड़कर रख लेने चाहिए.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है. Latestly.com इसकी पुष्टि नहीं करता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 07, 2025 03:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

